आतंक पर दोहरे मापदंड नहीं हो सकते, मॉस्को सुरक्षा फोरम में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल की दोटूक

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने गुरुवार को कहा कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में दोहरे मापदंड नहीं हो सकते। उन्होंने रूस के मॉस्को में पहले अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा फोरम और सुरक्षा मामलों के लिए उच्च प्रतिनिधियों की 14वीं बैठक को संबोधित करते हुए यह बात कही। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, डोभाल ने गुरुवार को सर्गेई शोइगु द्वारा आयोजित बैठक में हिस्सा लिया। इस फोरम का मुख्य विषय बहुधु्रवीय विश्व के उदय के संदर्भ में अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के समक्ष चुनौतियां और खतरे था। इस बैठक में अजित डोभाल ने पाकिस्तान का नाम लिए बिना जमकर निशाना साधा। सभा को संबोधित करते हुए श्री डोभाल ने कहा कि जिम्मेदार देशों को यह साफ फैसला करना होगा कि वे आतंकवाद के प्रायोजकों का समर्थन करते हैं या फिर निर्णायक कार्रवाई से उनका मुकाबला करते हैं।
एनएसए ने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में दोहरे मापदंड नहीं हो सकते और साथ ही आतंकवाद के खतरों से निपटने के लिए एक एकजुट वैश्विक प्रतिक्रिया की जरूरत पर जोर दिया। अजित डोभाल ने इस बैठक में ईरान युद्ध और होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते ऊर्जा परिवहन को पैदा हुए खतरों का भी जिक्र किया। पश्चिम एशिया की स्थिति पर प्रकाश डालते हुए डोभाल ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य और लाल सागर सहित प्रमुख अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों के माध्यम से व्यापार की सुरक्षित और निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करना आवश्यक है। एनएसए अजित डोभाल ने वैश्विक संस्थानों में सुधारों की भी मांग की, ताकि ग्लोबल साउथ (विकासशील देशों) को ज्यादा मजबूत आवाज मिल सके।






