
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने पश्चिम एशिया संकट के बीच “मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए” निर्यात किए जाने वाले डीजल पर विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क को बढ़ाकर 24 रुपए प्रति लीटर कर दिया है। इसके अलावा, सड़क एवं अवसंरचना उपकर के रूप में लगाए जाने वाले अतिरिक्त उत्पाद शुल्क को भी बढ़ाकर 36 रुपए प्रति लीटर कर दिया है।
वित्त मंत्रालय द्वारा शनिवार को जारी अधिसूचनाओं में कहा गया है कि यह बढ़ोतरी तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है। उल्लेखनीय है कि सरकार ने इससे पहले 27 मार्च को घरेलू बिक्री वाले पेट्रोल और डीजल पर विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क में 10-10 रुपए प्रति लीटर की कटौती की थी। पेट्रोल पर इसे 13 रुपए से घटाकर तीन रुपए और डीजल पर 10 रुपए से घटाकर शून्य किया गया था। तब सरकार ने कहा था कि वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की बढ़ी कीमतों के बोझ से आम लोगों को बचाने के लिए ऐसा किया गया है। लेकिन सरकार के राजस्व नुकसान की भरपाई के लिए निर्यात किये जाने वाले डीजल पर उत्पाद शुल्क में वृद्धि की गई है।






