ज़ीरकपुर में बस स्टैंड न होने से यात्रियों को करना पड़ रहा दिक्कतों का सामना

ज़ीरकपुर
ज़ीरकपुर में एक पक्का और चालू बस स्टैंड न होना हज़ारों यात्रियों के लिए एक बड़ी समस्या बनी हुई है। 2015 में करोड़ों रुपए की लागत से कालका चौक के पास बना बस स्टैंड खराब प्लानिंग के कारण अपना मकसद पूरा नहीं कर सका। चंडीगढ़-दिल्ली रूट की ज़्यादातर बसें फ्लाईओवर से गुजऱती हैं और यात्रियों को अब भी सडक़ किनारे खड़े होकर बसों का इंतज़ार करना पड़ता है। करीब पांच करोड़ रुपए की लागत से बना यह टर्मिनल बसों की आवाजाही न होने के कारण लगभग सुनसान रहता है और अब लोगों ने इसे पार्किंग के तौर पर इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है। फ्लाईओवर के नीचे लगातार भारी ट्रैफिक के कारण बसों का अंदर जाना भी प्रैक्टिकल नहीं है।
चंडीगढ़-अंबाला नेशनल हाई-वे पर ट्रैफिक के दबाव को देखते हुए हाई कोर्ट ने लंबे रूट की बसों को फ्लाईओवर के नीचे से जाने से रोक लगा रखी है। इस वजह से बसें सिंघपुरा चौक और पटियाला चौक के पास रुकती हैं। जहां यात्रियों के लिए न तो सही शेड हैं और न ही बैठने की सुविधा। लोगों को धूप, बारिश या सर्दी, हर मौसम में खुले आसमान के नीचे इंतज़ार करना पड़ता है। नगर परिषद ने सिंघपुरा के पास बस क्यू शेल्टर बनाया हुआ है, लेकिन बसें उदर नहीं रूकती उसकी जगह चौक पर ही रुकती हैं, जो भी बेअसर साबित हो रहा है।






