आज की ख़बरपंजाब

बेअदबी के दोषी अब ज्यादा समय कानून के शिकंजे से नहीं बच सकते; शुक्राना यात्रा के दूसरे दिन मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने लिया प्रण

जालंधर, 7 मई:

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने ‘शुक्राना यात्रा’ के दूसरे दिन ऐलान किया कि पंजाब में बेअदबी करने वाले अब सजा से नहीं बच सकेंगे। उन्होंने कहा कि नया बेअदबी विरोधी कानून अपराधियों के लिए एफआईआर, उम्रकैद और 50 लाख रुपये तक के जुर्माने के बाद जमानत न देने की व्यवस्था करता है। पिछली सरकारों ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी करने वालों को आजाद घूमने और पंथ की भावनाओं को ठेस पहुंचाने की इजाजत दी थी। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि ‘आप’ सरकार ने अब श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की पवित्रता की रक्षा और सूबे में भाईचारे की सांझ बनाए रखने के लिए देश का सबसे सख्त कानून बनाया है।

भाजपा और अकालियों पर तीखा हमला करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि सियासी फायदे के लिए सिखों और हिंदुओं को बांटने की कोशिश करने वाली ताकतें पंजाब की भाईचारे की सांझ और एकता की मजबूत परंपरा के सामने असफल हो जाएंगी। जालंधर और अमृतसर में हाल ही में हुए बम धमाकों को भाजपा के पंजाब में राजनीतिक दखल से जोड़ते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा जहां भी जाती है, चुनावों से पहले डर, अशांति और फूट डालती है। उन्होंने यह भी ऐलान किया कि बेअदबी विरोधी कानून के बाद पंजाब सरकार जल्द ही नशों के खिलाफ सख्त कानून लाएगी, जिसके तहत नशा तस्करों की संपत्तियां जब्त की जाएंगी और आसान जमानत पूरी तरह बंद कर दी जाएगी।

जालंधर से शुक्राना यात्रा के दूसरे दिन का नेतृत्व करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आदमपुर और करतारपुर में सभाओं को संबोधित करते हुए कहा कि अकाली खुद बेअदबी में शामिल थे और इसलिए उनके पास कानून का विरोध करने का कोई नैतिक अधिकार नहीं। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारें भी कानून को मजबूत कर सकती थीं लेकिन उन्होंने जानबूझकर ऐसा नहीं किया। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “लोग अकालियों को यह मानकर वोट देते रहे कि वे बाबा नानक के आदर्शों की नुमाइंदगी करते हैं, लेकिन उन्होंने गुरुओं की पवित्र शिक्षाओं का निरादर किया। अकालियों को छोड़कर पूरी सिख संगत इस बेअदबी विरोधी कानून का स्वागत कर रही है।”

यात्रा के दौरान लोगों द्वारा दिए गए अथाह प्यार और स्नेह के लिए धन्यवाद करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि वे खुद को भाग्यशाली समझते हैं कि परमात्मा ने उन्हें श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी के खिलाफ सख्त कानून बनाने की जिम्मेदारी बख्शी है। उन्होंने आगे कहा, “पहले कुछ दिनों बाद ही पंजाबियों को बेअदबी की दर्दनाक खबरें सुननी पड़ती थीं लेकिन दोषी अक्सर बच जाते थे क्योंकि कानून कमजोर था। लोगों के आशीर्वाद और परमात्मा की मिहर की बदौलत हमें इस कानून को मजबूत करने का मौका मिला।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्षी पार्टियां बार-बार दावा करती रही हैं कि यह कानून कभी पास नहीं होगा, राष्ट्रपति के पास फंस जाएगा या राज्यपाल की मंजूरी नहीं मिलेगी। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार ने देश के सबसे अच्छे कानूनी माहिरों से सलाह-मशवरा किया ताकि यह यकीनी बनाया जा सके कि कानून संवैधानिक तौर पर मजबूत और भविष्य के लिए उचित हो। उन्होंने कहा, “अब अगर कोई श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी करता है तो एफआईआर के बाद कोई जमानत नहीं होगी। कम से कम सजा 10 साल की कैद होगी और यह उम्रकैद तक बढ़ सकती है। साथ ही 50 लाख रुपये तक का जुर्माना भी हो सकता है।”

भाजपा पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि जहां भी भाजपा सत्ता में आती है, वह गरीबों और आम लोगों के लिए बनाई गई भलाई योजनाओं को बंद कर देती है। उन्होंने कहा, “उन्होंने दिल्ली में मुहल्ला क्लीनिक बंद कर दिए और अगर वे पंजाब आते हैं तो वे यहां भी ऐसा ही करेंगे। ये पार्टियां लोक-पक्षीय पहलकदमियों के खिलाफ हैं और लोगों की भलाई के प्रति संकीर्ण मानसिकता रखती हैं।”

उन्होंने आगे ऐलान किया कि सख्त बेअदबी विरोधी कानून बनाने के बाद पंजाब सरकार अब नशों के खतरे के खिलाफ और भी सख्त कानून लाएगी। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों ने नशा तस्करों को सरपरस्ती दी, जिससे यह बुराई पूरे पंजाब में फैली। उन्होंने कहा, “अब नशा तस्करों की संपत्तियां जब्त की जाएंगी, उन्हें सख्त सजा का सामना करना होगा और अब आसानी से जमानत संभव नहीं रहेगी। पहले बहुत सारे मुलजिमों को सीधे थानों से जमानत मिल जाती थी। यह प्रणाली खत्म हो जाएगी।”

लोगों से भावनात्मक साझा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब में भाईचारे की सांझ कभी नहीं टूट सकती। उन्होंने कहा, “पंजाब की मिट्टी उपजाऊ है और यहां हर बीज उग सकता है, लेकिन इस धरती पर नफरत का बीज कभी नहीं पनप सकता। भाजपा और अकाली दल वोटों के लिए सिखों और हिंदुओं को बांटने की कोशिश करते हैं, लेकिन पंजाबियों ने हमेशा ऐसी राजनीति को रद्द किया है।”

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button