
चंडीगढ़/अमृतसर, 8 जून:
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के निर्देशों पर पंजाब को सुरक्षित प्रदेश बनाने के लिए चल रही मुहिम के दौरान बड़ी सफलता दर्ज करते हुए अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस ने एक अफगान नागरिक सहित चार मुलजिमों को आठ आधुनिक पिस्तौलों के साथ गिरफ्तार करके सरहद पार से गैर-कानूनी हथियार तस्करी और हवाला नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। यह जानकारी डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (डीजीपी) पंजाब गौरव यादव ने आज यहां दी।
गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों की पहचान इस्माइलखेल तौहीद (30), निवासी अफगानिस्तान, जो इस समय पुणे, महाराष्ट्र में रह रहा है; मंगजीत सिंह (20) और शमशेर सिंह (26) दोनों निवासी गांव फतेहाबाद, तरनतारन तथा गुरलाल सिंह (42) निवासी गांव राजाताल (अमृतसर) के रूप में हुई है। बरामद की गई पिस्तौलों में एक .30 बोर बेरेटा, चार 9 एम.एम. ग्लॉक और तीन .30 बोर पिस्तौलें समेत सात जिंदा कारतूस भी शामिल हैं। पुलिस टीमों ने उनका एक्टिवा स्कूटर भी जब्त किया है।
डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि प्रारंभिक जांच से पता चला है कि मुलजिम एक विदेशी तस्कर के संपर्क में थे, जो सुनसान या गुप्त जगहों से गैर-कानूनी हथियारों की खेपें सप्लाई करता था। उन्होंने कहा कि बरामद किए गए हथियार आपराधिक तत्वों को आगे सप्लाई करने के लिए भेजे जा रहे थे।
डीजीपी ने कहा कि विदेशी-आधारित नेटवर्क से जुड़े अन्य गुर्गों की पहचान करने और आगे-पीछे के संबंधों का पता लगाने के लिए और जांच की जा रही है तथा आने वाले दिनों में और बरामदगियां और गिरफ्तारियां होने की संभावना है।
ऑपरेशन संबंधी विवरण साझा करते हुए पुलिस कमिश्नर (सीपी) अमृतसर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने कहा कि विश्वसनीय सूत्रों से मिली पुख्ता जानकारी पर कार्रवाई करते हुए पुलिस टीमों ने मुलजिम मंगजीत सिंह और शमशेर सिंह को गिरफ्तार करके उनके कब्जे से तीन गैर-कानूनी पिस्तौलें समेत सात जिंदा कारतूस बरामद किए।
विदेश-आधारित तस्करी नेटवर्क की गहराई से जांच करने के बाद पुलिस ने गुरलाल सिंह नामक एक अन्य दोषी को गिरफ्तार किया और तलाशी के दौरान उसके पास से तीन और पिस्तौलें बरामद की गईं। उन्होंने बताया कि दोषी गुरलाल सिंह की पूछताछ के बाद उसके द्वारा बताए गए ठिकानों से दो और पिस्तौलों की बरामदगी हुई।
सी.पी. ने कहा कि जांच के दौरान किए गए खुलासों के आधार पर, पुलिस ने एक अन्य गुर्गें इस्माइलखेल तौहीद को भी गिरफ्तार किया, जो सूखे मेवों के कारोबार की आड़ में हवाला नेटवर्क चला रहा था और गैर-कानूनी हथियार तस्करी रैकेट से जुड़े वित्तीय लेन-देन में सहायता कर रहा था।






