पंजाब मंत्री हरपाल चीमा का बड़ा आरोप – “ड्रग माफिया को बचा रही हैं कांग्रेस और बीजेपी”
चंडीगढ़, 12 जुलाई 2025 — पंजाब की राजनीति एक बार फिर उबाल पर है। राज्य के वित्त मंत्री और आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता हरपाल सिंह चीमा ने शनिवार को एक जोरदार प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर ड्रग माफिया और गैंगस्टर्स को संरक्षण देने का गंभीर आरोप लगाया है।
हरपाल सिंह चीमा ने दावा किया कि ये दोनों राष्ट्रीय पार्टियां मिलकर पंजाब में नशे के कारोबार को पनपने दे रही हैं और जब आम आदमी पार्टी की सरकार इस नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई करती है, तो उसे राजनीतिक और कानूनी दबाव का सामना करना पड़ता है।
“आप को दबाने की कोशिश कर रही है कांग्रेस-बीजेपी की जोड़ी”
हरपाल सिंह चीमा ने खुलासा किया कि जब आप सरकार ने पंजाब में दो दिवसीय विशेष विधानसभा सत्र बुलाने की घोषणा की, तो कांग्रेस नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने तुरंत चंडीगढ़ पुलिस को शिकायत भेजी। इसके 24 घंटे के भीतर ही, हरपाल चीमा और आप प्रदेश अध्यक्ष अमन अरोड़ा के खिलाफ FIR दर्ज कर दी गई।
“यह पूरी तरह से राजनीतिक बदले की कार्रवाई है। असली अपराधियों को छोड़कर, आप नेताओं को निशाना बनाया जा रहा है,” चीमा ने कहा।
“चंडीगढ़ पुलिस कर रही राजनीति”
हरपाल सिंह चीमा ने बीजेपी द्वारा मनोनीत चंडीगढ़ के उपराज्यपाल और केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि उन्होंने चंडीगढ़ पुलिस को राजनीतिक हथियार बना दिया है।
उन्होंने बताया कि 15 मई 2024 तक चंडीगढ़ पुलिस के पास 7,067 शिकायतें लंबित थीं, जिनमें से अधिकतर साइबर अपराध, धोखाधड़ी और चोरी जैसे गंभीर मामलों से जुड़ी थीं। इसके बावजूद आप नेताओं पर त्वरित कार्रवाई की जा रही है।
“न डरेंगे, न झुकेंगे”
हरपाल सिंह चीमा ने साफ किया कि आम आदमी पार्टी इस तरह की रणनीतियों से डरने वाली नहीं है। उन्होंने कहा कि वह और उनकी पार्टी कानून का सम्मान करते हैं और हर चुनौती का सामना करेंगे, लेकिन सच बोलना बंद नहीं करेंगे।
“ड्रग माफिया और गैंगस्टर्स के खिलाफ हमारी लड़ाई जारी रहेगी। विपक्ष हमें रोक नहीं सकता,” – हरपाल चीमा
2017 से ही था नशे के खिलाफ संघर्ष का ऐलान
हरपाल सिंह चीमा ने याद दिलाया कि आम आदमी पार्टी ने 2017 में जब पहली बार पंजाब विधानसभा चुनाव लड़ा था, तब राज्य में नशाखोरी, बेरोजगारी और कृषि संकट सबसे बड़े मुद्दे थे।
उन्होंने यह भी कहा कि उस वक्त खुद राहुल गांधी ने आरोप लगाया था कि अकाली-बीजेपी गठबंधन के कारण 70% पंजाब के युवा नशे की चपेट में हैं। अब वही कांग्रेस इस लड़ाई से मुंह मोड़ रही है।






