fauja singh के निधन पर देश-दुनिया ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि
The Turbaned Tornado : भारत और पूरी दुनिया ने एक प्रेरणा स्रोत, जीवित किंवदंती और ‘असाधारण एथलीट’ फौजा सिंह(fauja singh) को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की, जिनका सोमवार को पंजाब में एक दुखद सड़क दुर्घटना में 114 वर्ष की आयु में निधन हो गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित अनेक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय नेताओं ने इस महान मैराथन धावक को याद करते हुए उनके अद्वितीय जीवन और अटूट साहस को सलाम किया।
प्रधानमंत्री मोदी ने जताया शोक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर शोक व्यक्त करते हुए लिखा,(fauja singh)
दुनिया भर से श्रद्धांजलियों की बाढ़
पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने उन्हें “पीढ़ियों के लिए प्रेरणा” बताया, वहीं अमेरिका में भारत के पूर्व राजदूत तरनजीत सिंह संधू ने लिखा,(fauja singh)
ब्रिटिश सांसद तनमनजीत सिंह धेसी ने भी फौजा सिंह (fauja singh)के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि
फौजा सिंह (fauja singh) का जन्म 1 अप्रैल, 1911 को पंजाब के जालंधर जिले के बेयास गाँव में हुआ था। उन्होंने अपने जीवन में यह साबित कर दिया कि उम्र महज एक संख्या है। उन्होंने 89 वर्ष की उम्र में मैराथन दौड़ना शुरू किया और 100 की उम्र में भी अंतरराष्ट्रीय मैराथनों में भाग लेकर दुनिया को चौंका दिया।
बीबीसी पंजाबी की रिपोर्ट के मुताबिक, सोमवार दोपहर जालंधर-पठानकोट राजमार्ग पर एक कार की टक्कर से उन्हें गंभीर चोटें आईं। अस्पताल में भर्ती कराने के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका और शाम 7:30 बजे उनका निधन हो गया।
‘The Turbaned Tornado’ की विरासत अमर रहेगी
‘The Turbaned Tornado’ के नाम से मशहूर फौजा सिंह ने (fauja singh) ना सिर्फ खेल की दुनिया में बल्कि जीवनशैली, स्वास्थ्य और सकारात्मक सोच के प्रतीक के रूप में खुद को स्थापित किया। उन्होंने सिख धर्म, भारतीय मूल्यों और फिटनेस के प्रति जागरूकता को वैश्विक मंच पर गर्व से पेश किया।
आखिरी अलविदा… लेकिन प्रेरणा अमर
114 वर्षों की उम्र में भी सक्रिय रहना, दौड़ना और हजारों लोगों को प्रेरित करना फौजा सिंह (fauja singh)जैसे व्यक्तित्व को विरले ही नसीब होता है। उनका जीवन संदेश देता है — “कभी देर नहीं होती, जब तक आप रुकते नहीं।”
दुनिया ने एक एथलीट नहीं, बल्कि एक युग को खोया है।






