हरियाणा के नए गवर्नर असीम घोष का आज शपथ ग्रहण समारोह,CM नायब सिंह सैनी रहेंगे मौजूद
चंडीगढ़, 21 जुलाई : हरियाणा में आज एक खास और महत्वपूर्ण दिन है क्योंकि प्रदेश के नए राज्यपाल असीम घोष पद एवं गोपनीयता की शपथ ग्रहण करेंगे। यह समारोह हरियाणा के राजभवन में आयोजित होगा, जिसमें पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश शील नागू नए राज्यपाल को शपथ दिलाएंगे। असीम घोष 19वें राज्यपाल होंगे और वे बंडारू दत्तात्रेय की जगह लेंगे। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी समेत अन्य मंत्री और अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित रहेंगे।
असीम घोष : 20 साल बाद सक्रिय राजनीति में वापसी
81 वर्षीय असीम घोष पश्चिम बंगाल के दिग्गज भाजपा नेता हैं, जो करीब दो दशक से सक्रिय राजनीति से दूर थे। उन्होंने अपने लंबे राजनीतिक जीवन में भाजपा को पश्चिम बंगाल में मजबूती से स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कोलकाता के श्री शिक्षायतन कॉलेज में राजनीतिक विज्ञान के प्रोफेसर रह चुके घोष को पार्टी में अनुशासन और वैचारिक स्पष्टता के लिए जाना जाता है। उनके शपथ ग्रहण के बाद उन्होंने कहा, “यह मेरे लिए बहुत सम्मान की बात है। मैं हरियाणा के लोगों की सेवा के लिए पूरी लगन और ईमानदारी से काम करूंगा।”
हरियाणा पहुंच चुके हैं असीम घोष
असीम घोष शनिवार को चंडीगढ़ के राजभवन पहुंच गए, जहां उनका मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने स्वागत किया। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि हरियाणा के महान लोगों के लिए काम करना उनकी प्राथमिकता होगी। उन्होंने प्रशासन और मुख्यमंत्री का सहयोग करने और विपक्ष के सुझावों को भी सुनने की जिम्मेदारी स्वीकार की।
भाजपा में लंबे अनुभव के साथ असीम घोष
1999 से 2002 तक पश्चिम बंगाल भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रहे असीम घोष ने भाजपा की कमान संभालकर पार्टी को चुनौतीपूर्ण हालात में भी मजबूत बनाए रखा। वे भाजपा के मार्गदर्शक मंडल के सदस्य भी रहे हैं। कोलकाता के मनिंद्र चंद कॉलेज में पॉलिटिकल साइंस के प्रोफेसर रह चुके असीम घोष ने संघ और भाजपा की जड़ें पश्चिम बंगाल में जमाने में अहम योगदान दिया। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के खास रहे असीम को 2000 के दशक की शुरुआत में भाजपा की कमान सौंपी गई थी।
बंडारू दत्तात्रेय की जगह लेंगे असीम घोष
हरियाणा के पूर्व राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय के कार्यकाल में प्रदेश में कई महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम हुए, जिनमें भाजपा-जजपा गठबंधन सरकार का गठन, मंत्रिमंडल का इस्तीफा और पुनर्गठन शामिल थे। अब असीम घोष इस भूमिका को संभालेंगे और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी सहित अन्य नेताओं ने उम्मीद जताई है कि उनका शासन प्रदेश के बहुआयामी विकास में सहायक होगा।






