ITR 2025: आयकर रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तारीख नजदीक, इन 8 जरूरी सावधानियों का रखें ध्यान

ITR 2025: अगर आप भी वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए अपना आयकर रिटर्न (ITR) दाखिल करने की तैयारी कर रहे हैं, तो ध्यान दें – आईटीआर फाइल करने की अंतिम तिथि 15 सितंबर 2025 है। आयकर विभाग द्वारा निर्धारित इस डेडलाइन से पहले ITR फाइल करना न केवल कानूनी दायित्व है, बल्कि जुर्माने और ब्याज से भी बचाता है।
आईटीआर फाइल करते समय कई छोटी-छोटी गलतियाँ बड़ी परेशानी का कारण बन सकती हैं। आइए जानते हैं ITR 2025 फाइल करते समय किन बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए:
1. अपनी कर व्यवस्था का सही चुनाव करें
वर्तमान में भारत में दो प्रकार की कर व्यवस्थाएं उपलब्ध हैं – पुरानी कर व्यवस्था और नई कर व्यवस्था।
टिप: दोनों विकल्पों के तहत टैक्स कैलकुलेशन करके तुलना करें और फिर निर्णय लें कि कौन-सी व्यवस्था आपके लिए अधिक लाभदायक है।
2. ज़रूरी दस्तावेज़ डाउनलोड करें
-
फॉर्म 26AS और एआईएस (Annual Information Statement) ज़रूर डाउनलोड करें।
-
इनसे आपको TDS, TCS और टैक्स भुगतान की जानकारी मिलती है।
अगर कोई गड़बड़ी हो, तो संबंधित बैंक, नियोक्ता या संस्था से तुरंत मिलान कराएं।
3. दस्तावेज़ों का सावधानीपूर्वक अध्ययन करें
-
बैंक स्टेटमेंट
-
ब्याज प्रमाणपत्र
-
निवेश और कटौती से संबंधित रसीदें
-
फॉर्म 16
इन सभी को अच्छी तरह पढ़ें और रिकॉर्ड में रखें ताकि रिटर्न भरते समय कोई चूक न हो।
4. पहले से भरी गई जानकारियों की पुष्टि करें
ई-फॉर्म में पहले से मौजूद डेटा जैसे पैन नंबर, पता, बैंक खाता विवरण, आदि की सही-सही जांच करें। कोई भी गलती आपकी रिफंड प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती है।
5. सही ITR फॉर्म का चयन करें
भारत सरकार ने अलग-अलग करदाताओं के लिए ITR-1 से ITR-7 तक फॉर्म निर्धारित किए हैं।
गलत फॉर्म भरने पर आपका रिटर्न अमान्य हो सकता है।
उदाहरण:
-
ITR-1: वेतनभोगी/एक ही मकान से आय वालों के लिए
-
ITR-3: व्यापार या पेशे से जुड़े लोगों के लिए
6. सभी विवरण सही और पूर्ण भरें
रिटर्न भरते समय आय, कटौती, ब्याज और टैक्स भुगतान की संपूर्ण जानकारी दें।
नोट: ITR-1 के साथ कोई भी दस्तावेज़ अपलोड न करें, केवल डेटा दर्ज करना होता है।
7. समय सीमा का पालन करें
15 सितंबर, 2025 से पहले अपना ITR ई-फाइल करें।
लेट फाइलिंग के नुकसान:
-
₹1,000 से ₹5,000 तक जुर्माना
-
नुकसान आगे नहीं बढ़ाया जा सकता
-
टैक्स छूटें सीमित हो सकती हैं
8. ई-सत्यापन (e-Verification) करना न भूलें
रिटर्न फाइल करने के बाद उसका ई-वेरिफिकेशन करना अनिवार्य है।
आप चाहें तो ITR-V की हस्ताक्षरित कॉपी स्पीड पोस्ट से भी बेंगलुरु स्थित CPC ऑफिस भेज सकते हैं।






