‘कैप्टन–बादल गठजोड़’: पंजाब की लूट की 20 साल पुरानी ‘मैच-फिक्सिंग’ का पर्दाफाश – हरपाल सिंह चीमा

चंडीगढ़, 01 दिसंबर: पंजाब के वित्त मंत्री और आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता हरपाल सिंह चीमा ने रविवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और बादल परिवार पर बड़ा हमला बोला। उन्होंने दोनों परिवारों पर पंजाब को 20 साल तक लूटने, एक-दूसरे को बचाने और सत्ता की ‘बारी-बारी’ राजनीति करने का आरोप लगाया।
‘राज्य को लूटने के लिए बनी थी मैच-फिक्सिंग डील’ — चीमा
चीमा ने कहा कि 2002 से 2022 तक दोनों परिवारों ने योजनाबद्ध तरीके से सत्ता एक-दूसरे को थमा कर 4000 करोड़ से ज्यादा के भ्रष्टाचार मामलों को दबाया।उन्होंने बताया कि— 2002–2007 की कैप्टन सरकार में बादल परिवार के खिलाफ 4000 करोड़ की बेनामी संपत्ति के केस दर्ज थे,लेकिन कैप्टन ने जानबूझकर कोई कार्रवाई नहीं की। 2007 में जैसे ही अकाली सरकार आई, सभी केस रद्द कर दिए गए लेकिन कैप्टन ने जानबूझकर कोई कार्रवाई नहीं की। 2007 में जैसे ही अकाली सरकार आई, सभी केस रद्द कर दिए गए, चीमा ने कहा—“ये इत्तेफाक नहीं… ये पंजाब की लूट को जारी रखने के लिए किया गया गहरा समझौता था।”
बेअਦबी मामलों पर भी दो परिवारों को घेरा
वित्त मंत्री ने बेअदबी घटनाओं पर दोनों सरकारों की नाकामी का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि— बादल सरकार ने अहंकार में घटनाओं को होने दिया। कैप्टन ने गुटका साहिब हाथ में पकड़कर झूठे वादे किए । जस्टिस रंजीत सिंह और जोरा सिंह आयोगों का इस्तेमाल सिर्फ राजनीतिक फायदा लेने के लिए किया गया।
कैप्टन अमरिंदर दल-बदलू राजनीति के मास्टर’
चीमा ने कहा— कैप्टन अकाली दल → कांग्रेस → खुद की पार्टी → भाजपा,इस यात्रा ने उनकी राजनीतिक विश्वसनीयता खत्म कर दी है। 2017–2022 के दौरान कैप्टन ने कांग्रेस से ज्यादा भाजपा के सीएम की तरह काम किया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि ताकतवर केंद्र सरकार के दबाव में वे राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े गंभीर मुद्दों पर भी चुप रहे।






