Haryana : हरियाणा विधानसभा ने लॉन्च की ‘सदन संदेश’ पत्रिका — अब खुलेंगे सदन के अंदर के राज!

Haryana : हरियाणा विधानसभा परिसर आज एक खास मौके का साक्षी बना, जब विधानसभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मिलकर विधानसभा की नई आधिकारिक पत्रिका ‘सदन संदेश’ का औपचारिक विमोचन किया।
यह पत्रिका हरियाणा की विधायी प्रक्रिया, सदन की कार्यवाही, सत्रों की पूर्ण समीक्षा और विधायकों की जानकारी को एक ही मंच पर उपलब्ध कराएगी—जिससे लोकतंत्र और अधिक पारदर्शी व जन-सुलभ बनेगा।
‘सदन संदेश’ पत्रिका में क्या-क्या है खास?
✓ बीते एक वर्ष के सभी विधानसभा सत्रों की विस्तृत समीक्षा
✓ हरियाणा के सभी विधायकों और सांसदों की पूरी प्रोफाइल
✓ विधायी प्रक्रियाओं की आसान भाषा में व्याख्या
✓ पक्ष-विपक्ष की चर्चाओं का सार
✓ युवाओं के लिए लोकतंत्र समझने का दस्तावेज
✓ जन-जागरूकता बढ़ाने पर विशेष फोकस
यह पत्रिका जनता को बताएगी कि पंचायत से लेकर लोकसभा तक लोकतांत्रिक संस्थाएँ कैसे कार्य करती हैं।
मजबूत विधायिका ही विकसित भारत का आधार
अपने संबोधन में हरविन्द्र कल्याण ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 2047 तक विकसित भारत का संकल्प तभी संभव है, जब देश में विधायिका मजबूत और सक्रिय हो। उन्होंने कहा कि जनता और जनप्रतिनिधियों की सहभागिता विधायी संस्थाओं को सशक्त बनाती है, और यह पत्रिका उसी दिशा में एक अभिनव कदम है।
कैपिटल कॉम्प्लेक्स से हुआ ऐतिहासिक विमोचन
यह लॉन्च भारत के विश्वप्रसिद्ध कैपिटल कॉम्प्लेक्स में हुआ—जहाँ एक ओर सिविल सचिवालय है और दूसरी ओर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट स्थित है। विधानसभा अध्यक्ष ने इसे “भारत की लोकतांत्रिक सोच और वास्तुकला का उत्कृष्ट केंद्र’’ बताया।
‘एक देश, एक विधायिका’ की दिशा में बड़ा कदम
विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री के विज़न ‘एक देश, एक विधायिका’ को आगे बढ़ाते हुए यह पत्रिका देशभर की विधानसभाओं के लिए मॉडल बनेगी और साझा सीख को बढ़ाएगी।
नवाचार और क्षमता-वृद्धि कार्यक्रमों का विस्तृत विवरण भी शामिल
हरियाणा विधानसभा ने बीते वर्ष में कई सुधार और प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किए— विधायकों के ओरिएंटेशन कैंप, अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए ट्रेनिंग ,लोकसभा व राज्य सरकार के सहयोग से क्षमता-वृद्धि कार्यक्रम, एनुअल कैपेसिटी बिल्डिंग प्लान इन सबकी जानकारी भी पत्रिका में समाहित है।
2500+ लोग विधानसभा कार्यवाही देखने पहुंचे
बजट सत्र में 2500 और हालिया चार दिवसीय सत्र में लगभग 2000 लोगों ने प्रत्यक्ष रूप से कार्यवाही देखी—जिससे जनता का विधायिका के प्रति बढ़ता विश्वास स्पष्ट है।






