Haryana Assembly: हरियाणा विधानसभा में भावुक हुए CM नायब सैनी, गुरु तेग बहादुर के नाम पर सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित

Haryana Assembly: हरियाणा विधानसभा के शीतकालीन सत्र का आगाज गुरुवार को हंगामेदार बहस और भावुक क्षणों के साथ हुआ। सत्र के पहले ही दिन सदन में नवम पातशाह ‘हिन्द की चादर’ गुरु तेग बहादुर साहिब के 350वें बलिदान दिवस को लेकर गहरी भावनाएं देखने को मिलीं। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी चर्चा के दौरान भावुक हो गए, वहीं विपक्षी दल कांग्रेस ने किसानों और सरकारी स्कूलों की बदहाली को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला।
सदन में संसदीय कार्य मंत्री महीपाल ढांडा द्वारा गुरु तेग बहादुर के शहीदी दिवस पर प्रदेशभर में आयोजित कार्यक्रमों के लिए धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया। इस दौरान मुख्यमंत्री नायब सैनी ने हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी, गुरु तेग बहादुर शहीदी दिवस आयोजन समिति, जनप्रतिनिधियों, समाजसेवी संगठनों और नागरिक संस्थाओं का आभार व्यक्त किया।
गुरु तेग बहादुर का बलिदान भारत की आत्मा का प्रतीक
मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कहा कि गुरु तेग बहादुर साहिब का जीवन और बलिदान सत्य, धर्म और मानव गरिमा की रक्षा का अनुपम उदाहरण है। उन्होंने कहा कि अन्याय के सामने झुकने के बजाय बलिदान स्वीकार करने की परंपरा ने भारत की सभ्यता को मजबूत किया है। उन्होंने याद दिलाया कि 25 अगस्त 2025 को विधानसभा में सर्वसम्मति से यह संकल्प लिया गया था कि 350वें बलिदान वर्ष को पूरे हरियाणा में गरिमा और गौरव के साथ मनाया जाएगा।

प्रधानमंत्री के लिए धन्यवाद प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित
मुख्यमंत्री ने सदन में प्रस्ताव रखा कि शहीदी दिवस के कार्यक्रम में शामिल होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का धन्यवाद प्रस्ताव लाया जाना चाहिए। उन्होंने इसे हरियाणा के लिए गर्व का विषय बताया।
स्पीकर ने इस प्रस्ताव को सर्वसम्मति से पारित किया और तय हुआ कि विधानसभा की ओर से प्रधानमंत्री को आधिकारिक धन्यवाद प्रस्ताव भेजा जाएगा।
हरियाणा गुरुद्वारा प्रबंधन का विशेष योगदान
मुख्यमंत्री ने कहा कि पूरे आयोजन की रूपरेखा तैयार करने में हरियाणा गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी की अहम भूमिका रही। उन्होंने ‘वीर बाल दिवस’ के अवसर पर भी विशेष कार्यक्रमों के आयोजन की जानकारी दी।
‘मन की बात’ में कुरुक्षेत्र का जिक्र
नायब सैनी ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने ‘मन की बात’ कार्यक्रम में कुरुक्षेत्र के अनुभव केंद्र का जिक्र किया, जो हरियाणा के लिए गर्व की बात है। उन्होंने सभी विधायकों से कुरुक्षेत्र जाकर अनुभव केंद्र के दर्शन करने की अपील भी की।
गुरु तेग बहादुर का नाम सुनते ही PM ने स्वीकारा निमंत्रण
मुख्यमंत्री ने एक भावुक प्रसंग साझा करते हुए बताया कि जब उन्होंने प्रधानमंत्री को शहीदी दिवस के कार्यक्रम का निमंत्रण दिया, तब प्रधानमंत्री पहले अयोध्या जाने की बात कह रहे थे। लेकिन जैसे ही गुरु तेग बहादुर का नाम लिया, उन्होंने सहर्ष निमंत्रण स्वीकार कर लिया और सीधे अयोध्या से कुरुक्षेत्र पहुंचे। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने गुरु तेग बहादुर की स्मृति में स्मारक सिक्का भी जारी किया, जिसे मुख्यमंत्री ने गुरुओं के प्रति सम्मान बताया।






