चार साल बंद रहे पाकिस्तान में खरीदे फोन, NIA जांच में खुलासा, पहलगाम हमले का कराची स्थित बैंक से कनेक्शन

नई दिल्ली
पहलगाम हमले की एनआईए जांच में पाकिस्तान दिनोंदिन बेनकाब होता जा रहा है। पहलगाम हमले में शामिल आतंकियों के मारे जाने के बाद उनके पास से दो मोबाइल फोन बरामद हुए थे, जो कि पाकिस्तानी बैंक से जुड़े हुए हैं। गौर करने वाली बात यह है कि 2021 में ये फोन चीन से पाकिस्तान आए थे। इसके बाद 2023 में ये खरीदे गए और दो साल तक एकदम बंद पड़े रहे। इन फोन को 22 अप्रैल, 2025 को हुए पहलगाम हमले से पहले ही ऐक्टिव किया गया। ये फोन कराची के जिस बैंक से जुड़े थे, उनका नाम लश्कर-ए-तैयबा और लाजनात अल दवा जैसे संगठनों की फंडिंग में भी आ चुका है। लजनात अल दवा अल कायदा से लिंक एक आतंकी संगठन है। जम्मू-कश्मीर पुलिस और एनआईए की जांच में पाया गया कि आतंकियों के पास रेडमी सीरीज के दो शाओमी फोन थे। इनमें से एक 9टी (ऑरेंज) और दूसरा नोट 12 (ब्लैक) था।
28 जुलाई, 2025 को दचिगाम के मुलनार महादेव में हुई मुठभेड़ में फैसल जट्ट उर्फ सुलेमान शाह, हबीब ताहिर उर्फ जिब्रान और हमजा अफगानी को मार दिया गया था। उनके पास से ही ये दोनों फोन बरामद हुए थे। पूरी संभावना है कि फोन खरीदते वक्त ही प्लान बना लिया गया था कि इसका इस्तेमाल किसी आतंकी हमले में होना है। इसलिए दो साल तक इस फोन को चालू ही नहीं किया गया। वहीं पहलगाम के आतंकियों ने दूसरा फोन रेडमी नोट 12 एयर लिंक कम्युनिकेशंस लिमिटेड से इंपोरट किया था। इसका ऑफिस भी लाहौर में है। इस फोन को भी लंबे समय तक ऑन नहीं किया गया। आतंकियों ने पहले फोन ऑन नहीं किया। वे लॉन्ग रेंज रेडियो कम्युनिकेशन के जरिए ही बात कर रहे थे। इन फोन से कुछ तस्वीरें और मैप मिले हैं।






