भाजपा ने किसान विरोधी कानून थोपे, अकालियों ने धर्म का दुरुपयोग किया, कांग्रेस पंजाब में नाकाम साबित हुई, पंजाबियों ने ईमानदार सरकार चुनी- मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

रोपड़, 8 जून 2026
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान आज रोपड़ जिले के गांव बड़वा में बड़ी संख्या में उपस्थित लोगों के बीच पहुंचे। इस मौके पर उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि पंजाब के लोगों ने साल 2022 में 7 पूर्व मुख्यमंत्रियों और उनके परिवारों को सत्ता से बाहर करके ईमानदार सरकार में अपना विश्वास जताते हुए लूट, विशेषाधिकार और धोखे की राजनीति को पूरी तरह से नकार दिया। कांग्रेस, भाजपा और अकालियों पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि इन पार्टियों के पास पंजाब के विकास का कोई एजेंडा नहीं है और इनकी दिलचस्पी सिर्फ सत्ता हथियाने और निजी हितों में है। उन्होंने दावा किया कि जहां विपक्षी नेता आम आदमी पार्टी (आप) की सरकार के अधीन पंजाब की तरक्की को हजम नहीं कर पा रहे, वहीं अब करदाताओं के पैसे का एक-एक रुपया सत्ताधारियों की ऐशो-आराम की बजाय लोक भलाई पर खर्च किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि भाजपा ने किसान विरोधी कानून थोपे और अकालियों ने सियासी फायदे के लिए धर्म का दुरुपयोग किया। उन्होंने कहा कि नया अकाली-भाजपा गठबंधन सिर्फ सत्ता हासिल करने की मौकापरस्त चाल खेलने की कोशिश में है, जिसे पंजाब के लोग बुरी तरह नकार देंगे।
इकठ को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “आम आदमी पार्टी उन पारंपरिक सियासी पार्टियों के नेताओं में डर पैदा कर रही है जिन्होंने दशकों तक अपने निजी हितों के लिए सत्ता का दुरुपयोग किया। भाजपा द्वारा थोपे गए किसान विरोधी कानूनों के खिलाफ आंदोलन के दौरान 700 से अधिक किसान शहीद हुए थे। यह एक हकीकत है कि भाजपा ने हमेशा पंजाब के साथ नाइंसाफी की है और आज ये पार्टियां सियासी फायदे के लिए धर्म के नाम पर लोगों को बांटने की कोशिश कर रही हैं।”
शिरोमणि अकाली दल और भाजपा के नए गठबंधन पर तीखा तंज कसते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह गठबंधन दोनों पार्टियों के लिए सियासी तौर पर विनाशकारी साबित होगा क्योंकि यह न तो किसी विचारधारा पर आधारित है और न ही लोक भलाई के प्रति किसी प्रतिबद्धता पर टिका है। उन्होंने कहा, “इस गठबंधन का एकमात्र उद्देश्य पंजाब में सत्ता हथियाना है। दोनों पार्टियों के नेताओं ने बार-बार एक-दूसरे के खिलाफ बयानबाजी की है और आरोप लगाए हैं। पंजाब के लोग पूछ रहे हैं कि वे अब कौन सा मुंह लेकर साथ वोट मांगेंगे। लोग ऐसे सियासी ड्रामों के झांसे में नहीं आएंगे और आने वाले दिनों में उन्हें करारा सबक सिखाएंगे।”
अपनी सरकार के कामों पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि उन्होंने पंजाब के सर्वांगीण विकास को सुनिश्चित करने के लिए अपना खून-पसीना बहाया है और हर दिन नागरिकों के जीवन स्तर को ऊपर उठाने के उद्देश्य से नई लोक-पक्षीय पहलें देखने को मिल रही हैं। उन्होंने कहा, “मुझसे पहले रहे मुख्यमंत्रियों के विपरीत, मैंने सरकारी खजाने से कभी एक पैसा भी नहीं लिया। इसके बजाय मैंने यह सुनिश्चित किया है कि टैक्सदाताओं का एक-एक रुपया लोक भलाई के लिए समझदारी से खर्च किया जाए। पंजाब के लोगों के बेटे और भाई होने के नाते, मेरा ध्यान ऐशो-आराम की जिंदगी जीने की बजाय उनके दुख-दर्द बांटने और उनकी मुश्किलों को हल करने पर रहा है।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी पिछले शासक ने लोगों की मुश्किलों को समझने और उन्हें तनदेही से हल करने के लिए इस तरह लोगों तक सीधी पहुंच नहीं बनाई थी। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारें शानदार महलों की दीवारों तक ही सीमित रहीं और आम नागरिकों से शायद ही कभी संपर्क किया। उन्होंने कहा, “वे घमंडी सियासतदां लोगों से टूटे रहे और आज वे पंजाब सरकार के हर कदम से हैरान-परेशान हैं। दूसरी तरफ मैं लोगों के बीच रहता हूं, उनकी फीडबैक लेता हूं और विकास-मुखी व लोक-पक्षीय नीतियां बनाता हूं जो पंजाब की तरक्की व विकास में तेजी ला रही हैं।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब के विकास के लिए उनकी सरकार द्वारा किए जा रहे निरंतर प्रयासों ने विपक्षी नेताओं को निराश कर दिया है। उन्होंने कहा, “वे इस बात को हजम नहीं कर पा रहे कि आम लोगों की भलाई और पंजाब की तरक्की अब सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है। उनकी तरफ से सिर्फ आलोचना करना उनकी निराशा को दर्शाता है। मुझे भले ही लोगों की दौलत लूटने का अनुभव न हो, लेकिन मैं आम लोगों के दर्द को बांटना और उनके मसलों को हल करना अच्छी तरह जानता हूं। मैं पंजाब और इसके लोगों की खुशहाली के लिए पूरी तनदेही से काम कर रहा हूं और यही बात विपक्षियों को परेशान कर रही है।”






