Farmers Protest: लड़खड़ाती आवाज में डल्लेवाल ने कहा- हम जीतेंगे या फिर मरेंगे, दोनों में से एक चीज होगी
Farmers Protest: पंजाब के प्रमुख किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल ने अपने दृढ़ संकल्प और प्रेरणादायक शब्दों से किसानों के आंदोलन को नई दिशा दी है। 70 वर्षीय डल्लेवाल खनौरी सीमा पर 29 दिनों से अनशन पर हैं, जिसमें उनकी प्रमुख मांग केंद्र सरकार से न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी है।
मंगलवार को एक विशेष मंच से किसानों को संबोधित करते हुए, डल्लेवाल ने अपने गिरते स्वास्थ्य के बावजूद आंदोलन जारी रखने की प्रतिबद्धता जताई। किसान नेता अभिमन्यु कोहाड़ के सहारे खड़े डल्लेवाल ने लड़खड़ाती आवाज में कहा, “यह लड़ाई तभी जीती जाएगी, जब पूरा देश एकजुट होकर लड़ेगा। हम यहां से तभी हटेंगे, जब हमारी मांगें पूरी होंगी, चाहे हमें इसके लिए मरना ही क्यों न पड़े।”
डल्लेवाल की स्थिति नाजुक, लेकिन हौसले बुलंद
डल्लेवाल के स्वास्थ्य पर नजर रख रहे चिकित्सकों ने उनकी हालत गंभीर बताई है। कोहाड़ ने बताया कि डल्लेवाल शारीरिक रूप से कमजोर हैं, लेकिन उनका हौसला अडिग है। उन्होंने आंदोलन को समर्थन देने वालों का आभार व्यक्त किया और सभी से एकजुट रहने का आग्रह किया।
संयुक्त किसान मोर्चा का आंदोलन जारी
संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) और किसान मजदूर मोर्चा के बैनर तले किसान 13 फरवरी से पंजाब और हरियाणा के बीच शंभू बॉर्डर और खनौरी सीमा पर डटे हुए हैं। डल्लेवाल 26 नवंबर से भूख हड़ताल पर हैं। पिछले दिनों 101 किसानों के जत्थे ने तीन बार दिल्ली कूच करने का प्रयास किया, लेकिन हरियाणा में सुरक्षाबलों ने उन्हें रोक दिया।
सरकार पर दबाव बढ़ा
केंद्र सरकार पर एमएसपी की कानूनी गारंटी समेत अन्य मांगों को स्वीकार करने का दबाव बढ़ता जा रहा है। किसानों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, आंदोलन जारी रहेगा।
डल्लेवाल के बलिदान और उनकी अपील ने किसानों के संघर्ष को नया जोश दिया है। देशभर में किसान संगठनों और आम नागरिकों से समर्थन की अपील करते हुए डल्लेवाल ने कहा, “हमारे संघर्ष को तभी बल मिलेगा, जब पूरा देश साथ खड़ा होगा।”
क्या केंद्र सरकार किसानों की मांगों को सुनेगी या यह संघर्ष और लंबा खिंचेगा, यह आने वाले दिनों में साफ होगा। फिलहाल, किसानों का जज्बा अटूट है और उनकी लड़ाई जारी है।






