Punjab Bandh: पंजाब बंद: खनौरी बॉर्डर पर तनाव, अमृतसर में विदेशी पर्यटक फंसे
Punjab Bandh: पंजाब में किसानों द्वारा किए गए राज्यव्यापी बंद के चलते स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। किसान संगठनों को राज्य के विभिन्न हिस्सों से व्यापक समर्थन मिल रहा है। वहीं, खनौरी बॉर्डर पर हालात गंभीर हो गए हैं। किसान संगठनों और सरकार के बीच बढ़ते टकराव से राज्य में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
खनौरी बॉर्डर पर कड़ी सुरक्षा
खनौरी बॉर्डर पर किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल की स्थिति को लेकर सरकार और किसानों के बीच तनाव चरम पर है। किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने आरोप लगाया है कि सरकार डल्लेवाल को जबरन मेडिकल सुविधा देने का प्रयास कर रही है।
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने खनौरी बॉर्डर पर 5000 से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की है। साथ ही कई एंबुलेंस भी तैयार रखी गई हैं।
पंधेर ने सरकार को चेतावनी दी है कि यदि डल्लेवाल के साथ किसी प्रकार की ज्यादती हुई, तो किसान बड़ी संख्या में काफिले के साथ खनौरी बॉर्डर की ओर कूच करेंगे। उन्होंने कहा कि इस टकराव के परिणामस्वरूप यदि स्थिति बिगड़ती है, तो इसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी।
अमृतसर में रूस से आए पर्यटक फंसे
पंजाब बंद के कारण अमृतसर में भी जनजीवन प्रभावित हुआ है। गोल्डन गेट पर किसानों द्वारा किए गए प्रदर्शन के चलते शहर के अंदर और बाहर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह से ठप हो गई।
इस दौरान रूस से आए कुछ पर्यटक भी इस बंद में फंस गए। पुलिस ने तुरंत हस्तक्षेप करते हुए पर्यटकों को ऑटो के जरिए सचखंड श्री दरबार साहिब भेजा, जहां उनके ठहरने की अस्थायी व्यवस्था की गई।
किसान संगठनों का समर्थन जारी
पंजाब के विभिन्न जिलों में किसान संगठनों को बड़े पैमाने पर समर्थन मिल रहा है। राज्य के कई प्रमुख मार्गों और चौराहों पर किसान धरने पर बैठे हैं। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
सरकार और किसानों के बीच गतिरोध
किसानों और पंजाब सरकार के बीच बातचीत अब तक असफल रही है। सरकार ने खनौरी बॉर्डर पर किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए सुरक्षा बलों को हाई अलर्ट पर रखा है।
जनजीवन पर असर
पंजाब बंद के कारण आम जनजीवन पर गहरा असर पड़ा है। परिवहन सेवाएं ठप हो गई हैं और कई क्षेत्रों में बाजार भी बंद रहे। लोगों को आवाजाही में दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
स्थिति पर नजर
राज्य में तनावपूर्ण माहौल के बीच प्रशासन और किसान संगठनों के बीच गतिरोध का समाधान कब तक होगा, यह कहना मुश्किल है। पंजाब सरकार ने स्थिति पर कड़ी निगरानी रखी हुई है, लेकिन हालात सुधरने के संकेत फिलहाल नजर नहीं आ रहे हैं।






