हरियाणा सरकार अवैध खनन पर सख्त, खनन माफिया पर लगाई नकेल

चंडीगढ़, 3 जनवरी 2025: हरियाणा सरकार ने राज्य में अवैध खनन पर रोक लगाने के लिए कड़े कदम उठाए हैं। सरकार की ओर से न केवल खननकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जा रही है, बल्कि उनसे भारी जुर्माना भी वसूला जा रहा है। राज्य के प्राकृतिक संसाधनों को बचाने और अवैध खनन गतिविधियों को रोकने के लिए प्रशासन ने आधुनिक तकनीकों का सहारा लेते हुए निगरानी बढ़ा दी है।
ड्रोन और तकनीकी उपायों से बढ़ाई निगरानी
खनन स्थलों पर प्रशासन ने ड्रोन और अन्य उन्नत तकनीकों का उपयोग शुरू कर दिया है। नियमित निरीक्षण और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। अवैध खनन में शामिल वाहनों को जब्त किया जा रहा है, और दोषियों को कानून के तहत दंडित किया जा रहा है।
नूंह जिले में अवैध खनन पर कार्रवाई
नूंह जिले के रवा गांव में पहाड़ गिरने की घटनाओं को लेकर सरकार ने स्पष्टीकरण दिया है। सरकारी अधिकारियों के मुताबिक, हाल ही में पहाड़ गिरने की घटना में 6000 मीट्रिक टन पत्थर के अवैध खनन का आकलन किया गया, जिसकी कीमत लगभग 15 लाख रुपये है। 23 दिसंबर 2024 को राजस्थान के पट्टाधारकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। इनमें मैसर्स पंच भाई स्टोन कंपनी, मैसर्स हाजी ट्रेडिंग कंपनी, और अन्य के नाम शामिल हैं।
सरकारी रिपोर्ट के अनुसार, इस घटना से राज्य को 2200 करोड़ रुपये का नुकसान होने के दावे निराधार हैं। राजस्थान और हरियाणा की सीमा को लेकर चल रहे विवाद का फायदा उठाकर राजस्थान के पट्टाधारक अवैध खनन कर रहे हैं।
हरियाणा-राजस्थान समन्वय प्रयास
अवैध खनन की समस्या को हल करने के लिए हरियाणा और राजस्थान के खान एवं भूविज्ञान विभाग मिलकर काम कर रहे हैं। राजस्थान सीमा के भीतर हो रहे अवैध खनन पर भी संबंधित राज्य द्वारा एफआईआर दर्ज की गई है।
सरकार की सख्त कार्रवाई से बढ़ा राजस्व
खनन माफिया पर शिकंजा कसने का असर सरकारी राजस्व पर साफ नजर आ रहा है। पिछले वर्ष खनिज रॉयल्टी, अवैध खनन जुर्माना और अन्य स्रोतों से हरियाणा सरकार को 800 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है।
हरियाणा सरकार ने यह स्पष्ट कर दिया है कि राज्य में अवैध खनन को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रशासन की इस सख्ती से राज्य में खनन गतिविधियों पर नियंत्रण और राजस्व वृद्धि का रास्ता साफ हो रहा है।






