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*मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना पंजाबियों के लिए 10 लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज का वरदान साबित हुई – डॉ. बलबीर सिंह*

चंडीगढ़ /पटियाला, 25 मार्च:

पंजाब के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार द्वारा शुरू की गई 10 लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज की अनूठी योजना ‘मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना’ पंजाबियों के लिए वरदान साबित हो रही है। उन्होंने आज यहां स्वास्थ्य क्षेत्र में पिछले चार वर्षों की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए बताया कि इस योजना के तहत अब तक 1.60 लाख लोगों ने 191 करोड़ रुपये का मुफ्त इलाज करवाया है।

डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि आज पंजाब के स्वास्थ्य मॉडल की देश के अन्य राज्यों में भी नकल होने लगी है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में आम आदमी पार्टी सरकार ने चार वर्षों में स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार को प्राथमिकता दी है, जिसके परिणाम सबके सामने हैं।

उन्होंने कहा कि पटियाला के सरकारी राजिंदरा अस्पताल और माता कौशल्या अस्पताल के कायाकल्प से राज्य में स्वास्थ्य क्रांति की शुरुआत हुई और पिछले चार वर्षों में सरकार ने स्वास्थ्य क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं।

स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत 65 लाख परिवारों और 3 करोड़ लोगों के स्वास्थ्य कार्ड बनाए जाने हैं, जिनमें से अब तक 25 लाख कार्ड बनाए जा चुके हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे किसी बीमारी का इंतजार करने के बजाय पहले ही अपने स्वास्थ्य कार्ड बनवा लें।

उन्होंने बताया कि राज्य में 9 नए मेडिकल कॉलेज बनाए जा रहे हैं, जिनमें फतेहगढ़ साहिब और ईएसआई लुधियाना पहले ही शुरू हो चुके हैं। इसके अलावा होशियारपुर, कपूरथला, संगरूर, शहीद भगत सिंह नगर, लहरागागा, मलेरकोटला और लुधियाना में बन रहे मेडिकल कॉलेजों में 600 नई एमबीबीएस सीटें जोड़ी जाएंगी। साथ ही मेडिकल शिक्षा विभाग में मानव संसाधन की कमी दूर करते हुए प्रोफेसरों को पदोन्नति दी गई है।

डॉ. बलबीर सिंह ने बताया कि बुनियादी ढांचे को मजबूत करते हुए सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों में 200 करोड़ रुपये के उपकरण खरीदे जा रहे हैं तथा राज्य के सभी जिलों में 50-50 बिस्तरों वाले 22 क्रिटिकल केयर ब्लॉक बनाए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि मुफ्त दवाइयों के साथ-साथ डायग्नोस्टिक सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है। इस वर्ष सभी जिला अस्पतालों में एमआरआई, 8 अन्य अस्पतालों में सीटी स्कैन सुविधाएं शुरू की जाएंगी। इसके अलावा 250 बिस्तरों वाले 7 मातृ एवं शिशु अस्पताल शुरू किए जाएंगे और एक्स-रे व अल्ट्रासाउंड के लिए 200 से अधिक सूचीबद्ध निजी डायग्नोस्टिक केंद्र भी कार्यरत हैं।

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