CM भगवंत मान ने बुलाई इमरजेंसी मीटिंग: बाढ़ से निपटने की बनेगी रणनीति, हरियाणा ने भी बढ़ाया मदद का हाथ

चंडीगढ़, 29 अगस्त 2025: पंजाब के सात जिलों में आई बाढ़ की गंभीर स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान एक्शन मोड में आ गए हैं। उन्होंने आज चंडीगढ़ में मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों की आपातकालीन बैठक बुलाई है, जिसमें बाढ़ प्रभावित इलाकों से फीडबैक लेकर आगे की रणनीति तैयार की जाएगी।
CM लगातार कर रहे हैं प्रभावित क्षेत्रों का दौरा
मुख्यमंत्री मान पिछले दो दिनों से लगातार बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर रहे हैं। उन्होंने गुरदासपुर, पठानकोट, ब्यास और अजनाला के हालातों का जायजा लिया है। अपने हेलिकॉप्टर को भी राहत कार्यों के लिए उपलब्ध करवा दिया है। आम आदमी पार्टी के मंत्री, विधायक और कार्यकर्ता भी राहत कार्यों में जुटे हुए हैं।

बाढ़ का भयावह रूप: घरों में 5-7 फुट पानी
पठानकोट, गुरदासपुर, तरनतारन, अमृतसर, कपूरथला, फाजिल्का और फिरोजपुर सबसे ज्यादा प्रभावित जिले हैं। कई घरों में 5 से 7 फुट तक पानी भरा हुआ है। लोग छतों और राहत कैंपों में रहने को मजबूर हैं। पशुओं का चारा खत्म हो गया है और जनजीवन अस्त-व्यस्त हो चुका है।
सरकार का बड़ा फैसला: एक महीने की सैलरी राहत कोष में
पंजाब सरकार के सभी मंत्री, विधायक और सांसदों ने बाढ़ राहत कार्यों के लिए अपनी एक महीने की सैलरी देने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही कई समाजसेवी संस्थाएं भी मदद के लिए आगे आ रही हैं।
हरियाणा ने भी जताया सहयोग का संकल्प
इस संकट की घड़ी में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने भी सहयोग की पेशकश की है। उन्होंने पंजाब के सीएम को पत्र लिखकर कहा है कि हरियाणा किसी भी प्रकार की मदद के लिए तैयार है।
हालांकि 2023 की बाढ़ के समय यह मुद्दा गरमाया था कि बरसात के पानी में डूबने के लिए पंजाब अकेला रह जाता है, लेकिन इस बार आपसी सहयोग की भावना देखने को मिल रही है।






