भाजपा की ‘संचार साथी’ ऐप नया पेगासस मॉडल: पंजाब वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा का बड़ा आरोप

चंडीगढ़, 3 दिसंबर : पंजाब के वित्त मंत्री और आम आदमी पार्टी (आप) के वरिष्ठ नेता एडवोकेट हरपाल सिंह चीमा ने केंद्र सरकार पर बड़ा हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा की नई ‘संचार साथी’ ऐप नागरिकों की निजता में सेंध लगाने की कोशिश है। उन्होंने इसे पेगासस का नया रूप करार दिया और कहा कि यह ऐप देश के 144 करोड़ लोगों की निगरानी करने की योजना का हिस्सा है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान चीमा ने कहा कि भाजपा सरकार संविधान द्वारा दी गई निजी स्वतंत्रता को खत्म करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस ऐप का इस्तेमाल लोगों के निजी डेटा की चोरी और केंद्रीकृत निगरानी के लिए किया जा सकता है, जो लोकतंत्र पर सीधा हमला है।
पेगासस जैसा मॉडल, बस नाम बदला गया: वित्त मंत्री
हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि यह ऐप नागरिकों की कॉल, व्हाट्सऐप, सिग्नल, और सिम लिंकिंग की निगरानी करने में सक्षम है। उन्होंने चेताया कि ऐसा सिस्टम तानाशाही शासन में ही देखने को मिलता है।
उन्होंने दावा किया कि भाजपा इस डेटा का इस्तेमाल राजनीतिक रणनीतियों, विरोध प्रदर्शनों की निगरानी और चुनावों में फायदा उठाने के लिए कर सकती है। इतना ही नहीं, उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि यह डेटा कॉर्पोरेट घरानों को सौंपने की भी योजना है।
राज्यों के अधिकारों पर हमला
चीमा ने कहा कि यह ऐप राज्य पुलिस, साइबर सेल और राज्य नियामकों को पूरी तरह बाईपास करती है, जो संघीय ढांचे के लिए गंभीर खतरा है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार देश के लोगों के संवेदनशील डेटा पर अपना पूर्ण नियंत्रण स्थापित करना चाहती है।
कमजोर सुरक्षा = बड़ा साइबर खतरा
वित्त मंत्री ने कहा कि भारत पहले से ही दुनिया के उन देशों में शामिल है जहां सबसे अधिक डेटा लीक होते हैं। उन्होंने आधार, कोविन और पीएम-किसान डेटा लीक का उदाहरण देते हुए चेतावनी दी कि संचार साथी ऐप एक और बड़े डेटा ब्रीच का कारण बन सकती है।
डिजिटल तानाशाही की शुरुआत
चीमा ने कहा कि डिजिटल राइट्स विशेषज्ञों ने इस ऐप को ‘डिजिटल तानाशाही’ की ओर कदम बताया है। उन्होंने कहा – “आम आदमी पार्टी देश की निजता पर इस हमले का कड़ा विरोध करती है। भाजपा की मंशा साफ है — निगरानी, डेटा चोरी और सत्ता का दुरुपयोग।”
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