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Devuthani Ekadashi 2025: देवउठनी एकादशी पर कल शनि का साया! भूलकर भी न करें ये 6 गलतियां – वरना नाराज़ होंगे श्रीहरि!

Devuthani Ekadashi 2025: इस साल देवउठनी एकादशी (Devuthani Ekadashi 2025) बेहद खास संयोग लेकर आ रही है। 1 नवंबर 2025, शनिवार को मनाई जाने वाली यह एकादशी न केवल भगवान विष्णु के जागरण का प्रतीक है, बल्कि इस बार उस दिन शनिवार का दुर्लभ संयोग भी बन रहा है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, यह संयोग हर व्यक्ति के जीवन में सुख-समृद्धि और शनि दोष से मुक्ति का अवसर लाता है।

देवउठनी एकादशी क्यों होती है खास?

हिंदू पंचांग के अनुसार, कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को देवप्रबोधिनी या देवउठनी एकादशी कहा जाता है। मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णु चार महीने की योगनिद्रा से जागते हैं, जिससे पुनः शुभ कार्यों की शुरुआत होती है। विवाह, मांगलिक और धार्मिक कार्यों की शुरुआत भी इसी दिन से की जाती है।

देवउठनी एकादशी पर भूलकर भी न करें ये गलतियां:

इस साल देवउठनी एकादशी शनिवार के दिन पड़ रही है, जो शनि देव के प्रभाव को भी दर्शाती है। इसलिए इस दिन कुछ बातों का विशेष ध्यान रखना जरूरी है —

  1. बिना स्नान के तुलसी माता को न छुएं — ऐसा करने से पूजा निष्फल मानी जाती है।

  2. लोहा, तेल, नमक, झाड़ू, काले तिल या चमड़े की चीजें न खरीदें — शनिदेव के कोप का भय रहता है।

  3. चावल और तुलसी के पत्ते न खाएं या न तोड़ें — यह मां लक्ष्मी को अप्रसन्न करता है।

  4. बैंगन, पालक, शलगम जैसी सब्जियां न खाएं — धार्मिक दृष्टि से अशुभ माना गया है।

  5. ब्रहमचर्य का पालन करें और भगवान विष्णु का नाम-जप करें।

  6. मांस-मदिरा, लहसुन-प्याज जैसे तामसिक पदार्थों से दूर रहें।

शनि और विष्णु पूजा का अद्भुत संयोग

इस बार देवउठनी एकादशी शनिवार को होने के कारण यह दिन अत्यंत शुभ फलदायी रहेगा। मान्यता है कि जो व्यक्ति इस दिन श्रीहरि विष्णु और शनिदेव दोनों की पूजा करता है, उसे जीवन की कठिनाइयों से मुक्ति मिलती है और सुख-समृद्धि का मार्ग खुलता है।

पूजा विधि:

  • सुबह सूर्योदय से पहले स्नान कर श्रीहरि विष्णु का ध्यान करें।

  • तुलसी के पौधे के सामने दीपक जलाएं।

  • भगवान विष्णु को शुद्ध जल, दूध, तुलसीदल और पंचामृत से स्नान कराएं।

  • “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जाप करें।

  • शाम को तुलसी विवाह का आयोजन करें।

देवउठनी एकादशी 2025 तिथि:

  • तिथि प्रारंभ: 31 अक्टूबर 2025, शुक्रवार, रात 09:18 बजे
  • तिथि समाप्त: 1 नवंबर 2025, शनिवार, रात 07:42 बजे

 

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