Trending Newsआज की ख़बरचंडीगढ़धर्म/आस्था

Ganesh Utsav : कालीबाड़ी और बैकुंठ धाम में बन रही हैं अनोखी मिट्टी की मूर्तियां, देखिए मिनी मुंबई जैसा नजारा!

Ganesh Utsav : गणेश चतुर्थी के शुभ अवसर पर, कालीबाड़ी मंदिर सेक्टर 47 और बैकुंठ धाम में इस बार भी गणेश महोत्सव के दौरान एक अनोखा और रंगीन नजारा देखने को मिल रहा है। यहां पर कोलकाता से आए कारीगर श्री गणेश जी की खूबसूरत मिट्टी की मूर्तियां बना रहे हैं, जो इस बार खासतौर पर पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए तैयार की जा रही हैं।

मिट्टी से बने बप्पा की मूर्तियां: पर्यावरण की चिंता में अनोखी पहल

Ganesh Chaturthi 2025

इस बार, कारीगर पर्यावरण की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए बप्पा (Ganesh)की मूर्तियां पूरी तरह से मिट्टी से बना रहे हैं। इन मूर्तियों में बांस की लकड़ी और घास फूस का भी इस्तेमाल किया जा रहा है, जो न केवल प्राकृतिक हैं बल्कि पर्यावरण के लिए भी सुरक्षित हैं। इन खास मूर्तियों को यहां के कलाकार हाथों से रंगकर अंतिम रूप देते हैं, जिससे हर मूर्ति में बप्पा के दर्शन स्पष्ट दिखाई देते हैं।

बैकुंठ धाम और कालीबाड़ी मंदिर: मिनी मुंबई जैसा माहौल

गणेश महोत्सव (Ganesh) के दौरान यहां का माहौल पूरी तरह से मिनी मुंबई जैसा बन जाता है, जहां हर ओर श्रद्धालुओं की भीड़ और रंग-बिरंगे बप्पा की मूर्तियां देखने को मिलती हैं। खासतौर पर, आसपास के जिले जैसे पंजाब, हरियाणा और हिमाचल से लोग यहां आकर मूर्तियां ऑर्डर करते हैं। इन मूर्तियों का आकर्षण इतना है कि एक बार यहां आकर लोग वापस बिना मूर्ति लिए नहीं जाते।

डिमांड का दबाव: कारीगर दिन-रात मेहनत में जुटे

Ganesh Chaturthi 2025

कारीगरों का कहना है कि इस बार उन्हें इतने ऑर्डर मिले हैं कि वे कई बार लोगों को मना भी कर रहे हैं। समय कम है और काम अधिक, ऐसे में दिन-रात एक करके ये कारीगर (Ganesh) मूर्तियां तैयार करने में जुटे हुए हैं। इन मूर्तियों की कीमत 200 रुपये से लेकर 10,000 रुपये तक है, जो आकार और सजावट के हिसाब से बदलती है।

15 कलाकारों की मेहनत: हजारों मूर्तियां तैयार

करीब दो महीने से यहां 15 कलाकारों की एक टीम लगातार काम कर रही है। हर (Ganesh) मूर्ति में अलग-अलग प्रकार की सुंदरता और रंग भरने की कला देखी जा सकती है। कारीगरों के मुताबिक, इस बार वो एक दर्जन से ज्यादा प्रकार की मूर्तियां बना रहे हैं, जो हर किसी के दिल को छू लेती हैं।

चंडीगढ़, पंजाब, और हिमाचल से भी ऑर्डर

बैकुंठ धाम के कारीगरों ने बताया कि इस बार उनके पास चंडीगढ़, पंजाब, और हिमाचल से भी गणेश (Ganesh)जी की मूर्तियां बनाने के ऑर्डर आए हैं। कई जगहों से मांग इतनी बढ़ गई है कि उन्हें अपने पास और भी कारीगरों की मदद लेनी पड़ रही है।

मिट्टी की मूर्तियों का बढ़ता क्रेज

मूर्ति बनाने वाले कारीगरों का कहना है कि यह साल बहुत खास है क्योंकि हर साल की तुलना में इस बार (Ganesh) बप्पा की मूर्तियों की डिमांड कहीं अधिक है। ऐसे में उनका कहना है कि यदि यह ट्रेंड जारी रहा तो आने वाले वर्षों में और भी ज्यादा लोग पर्यावरण की रक्षा के लिए मिट्टी की मूर्तियों का चयन करेंगे।

इस खास महोत्सव की पूरी तैयारी और मेहनत का नतीजा सामने आने में अब कुछ ही दिन बाकी हैं। और जब (Ganesh) बप्पा की इन अनोखी मूर्तियों को श्रद्धालु अपने घरों में स्थापित करेंगे, तो यह नजारा सच में मंत्रमुग्ध कर देने वाला होगा।

देखें, कैसे बन रही हैं ये अनोखी मूर्तियां और क्या है इनकी खासियत – वीडियो में!

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button