भारत से ब्रह्मोस मिसाइल खरीदेगा यूएई, मिडल ईस्ट में तनाव के बीच सुरक्षा चिंता, सैन्य क्षमता मजबूत करने पर विचार

नई दिल्ली
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत की ब्रह्मोस सुपरसोनिक कू्रज मिसाइल ने पाकिस्तान में जमकर तांडव मचाया। दुनियाभर के कई देश नई दिल्ली से इस घातक मिसाइल को खरीदने पर विचार रहे हैं। इस बीच खबर है कि मिडल ईस्ट में जारी संकट के बीच यूएई अब भारत से आकाशतीर एयर डिफेंस सिस्टम और ब्रह्मोस मिसाइल खरीदने पर विचार कर रहा है। यदि यह सौदा पूरा होता है, तो यूएई ब्रह्मोस मिसाइल खरीदने वाला चौथा विदेशी देश बन सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक, नई दिल्ली और आबुधाबी के बीच आकाशतीर एयर डिफेंस सिस्टम और ब्रह्मोस मिसाइलों की डील को लेकर बातचीत शुरुआती चरण में है, लेकिन तेजी से आगे बढ़ रही है।
यूएई ने यह फैसला ऐसे समय में लिया है, जब ईरान ने उस पर ताबड़तोड़ हमले किए। ऐसे में मिडल ईस्ट में बढ़ते तनाव और क्षेत्रीय सुरक्षा चिंताओं के बीच यूएई अपनी सैन्य क्षमताओं को मजबूत करना चाहता है। हालांकि, यूएई को इसकी बिक्री के लिए रूस की मंजूरी भी जरूरी होगी।
एयर डिफेंस सिस्टम आकाशतीर पर भी बातचीत जारी
सूत्रों के मुताबिक, यूएई ने ब्रह्मोस और आकाशतीर समेत भारत के कई रक्षा प्रणालियों में रुचि दिखाई है। आकाशतीर भारतीय सेना और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बीईएल) द्वारा विकसित स्वदेशी एयर डिफेंस कमांड एंड कंट्रोल सिस्टम है, जो हवाई खतरों का पता लगाने और उन्हें निष्क्रिय करने में मदद करता है। जबकि ब्रह्मोस मिसाइल भारत और रूस द्वारा संयुक्त रूप से विकसित की गई है और इसे दुनिया की सबसे तेज परिचालन सुपरसोनिक कू्रज मिसाइलों में गिना जाता है। यह जमीन, समुद्र और हवा तीनों प्लेटफॉर्म से लॉन्च की जा सकती है।






