अब महिलाएं रात में भी करेंगी काम अपनी शर्तों पर, मिलेगी दोगुनी सैलरी और पूरा ‘सुरक्षा कवच’

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने महिलाओं की सुरक्षा और समानता को नई ऊंचाई पर पहुंचाने वाला ऐतिहासिक फैसला लिया है। अब राज्य में महिलाएं नाइट शिफ्ट (शाम 7 बजे से सुबह 6 बजे तक) काम कर सकेंगी, वो भी अपनी सहमति से। यह निर्णय न केवल महिलाओं के लिए करियर ग्रोथ का रास्ता खोलता है, बल्कि सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता की दिशा में भी बड़ा कदम है।
नाइट शिफ्ट में काम का अधिकार और दोगुनी मजदूरी
अब किसी महिला को जबरन नाइट ड्यूटी के लिए नहीं कहा जा सकेगा। केवल उनकी लिखित सहमति से ही उन्हें नाइट शिफ्ट में लगाया जा सकेगा। साथ ही, ओवरटाइम सीमा 75 घंटे से बढ़ाकर 144 घंटे कर दी गई है — जिसका भुगतान दोगुनी मजदूरी दर से होगा। कारखानों और दफ्तरों में CCTV निगरानी, सुरक्षा गार्ड, हेल्थ चेकअप और परिवहन सुविधा अनिवार्य की गई है।
खतरनाक उद्योगों में भी बढ़ेगी महिलाओं की भागीदारी
पहले महिलाओं को केवल 12 श्रेणियों के ख़तरनाक उद्योगों में ही काम करने की अनुमति थी, लेकिन अब यह बढ़ाकर 29 श्रेणियों तक कर दी गई है। यह फैसला योगी सरकार की उस सोच को दिखाता है जो कहती है — “महिलाएं अब किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं रहेंगी।”
महिला सुरक्षा में यूपी टॉप पर
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44,177 महिला पुलिसकर्मी तैनात — देश का सबसे बड़ा महिला पुलिस बल।
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1694 एंटी रोमियो स्क्वाड्स लगातार सक्रिय।
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सेफ सिटी प्रोजेक्ट 17 मंडल मुख्यालयों में लागू।
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महिला अपराधों में दोषसिद्धि दर 71% — देश में सबसे अधिक।
लेडी सिंघम का जलवा — एनकाउंटर में बढ़ी महिला पुलिस की भूमिका
यूपी की महिला पुलिस ने अपने दम पर बदमाशों को नकेल डाली है। कई एनकाउंटर में महिला पुलिस अफसरों ने अपराधियों को लंगड़ा कर जेल भेजा। इससे महिलाओं के आत्मविश्वास और अपराधियों के डर दोनों में इज़ाफ़ा हुआ है।
नारी सशक्तिकरण की दिशा में मिसाल बना यूपी
10 लाख से अधिक स्वयं सहायता समूहों के ज़रिए 1 करोड़ महिलाएं आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।
योगी सरकार के इस कदम से महिलाओं को मिलेगा — “समान अवसर, सुरक्षा की गारंटी और अपने सपनों को उड़ान देने की आज़ादी।”
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