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Punjab : हाई कोर्ट से मजीठिया की जमानत रद्द: पन्नू बोले- धमकियां और प्रचार काम नहीं आए, अदालत ने सच देखा

Punjab :  आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के महासचिव और मीडिया इंचार्ज बलतेज पन्नू ने कहा कि आज माननीय पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के फैसले ने अकाली दल (बादल) को सबसे बड़ा झटका दिया है। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को बार-बार दी गई उनकी धमकियां काम नहीं आईं। चंडीगढ़ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए पन्नू ने कहा कि अदालत ने वरिष्ठ अकाली नेता और पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया की जमानत अर्जी को खारिज कर दिया है, जिससे उनके खिलाफ दर्ज विजिलेंस केस की गंभीरता की पुष्टि होती है।

हाई कोर्ट ने मामले की गंभीरता को समझा

पन्नू ने कहा कि इससे पहले निचली अदालत मजीठिया की जमानत पहले ही खारिज कर चुकी थी और अब हाई कोर्ट ने भी पंजाब सरकार द्वारा पेश की गई दलीलों को सुनने के बाद राहत देने से इनकार कर दिया है। उन्होंने बताया कि लगभग पंद्रह दिनों तक हमारी ए.जी. ऑफिस की टीम ने माननीय अदालत के सामने दलीलें रखीं और सब कुछ सुनने के बाद अदालत यह समझ गई कि अगर मजीठिया को रिहा किया जाता है, तो उनके पिछले व्यवहार को देखते हुए इस बात की पूरी आशंका है कि वे गवाहों को धमका सकते हैं या डरा सकते हैं। उन्होंने अकाली दल पर बरसते हुए कहा कि वे बार-बार प्रेस कॉन्फ्रेंस करके यह दावा कर रहे थे कि “चालान के बाद कोई और जांच नहीं हुई” इसलिए मजीठिया को रिहा किया जाना चाहिए, लेकिन हाई कोर्ट ने मामले की गंभीरता को समझा और अर्जी खारिज कर दी।

 

पन्नू ने याद दिलाया कि 2007-17 के अकाली-भाजपा शासन के दौरान मजीठिया का राजनीतिक प्रभाव और वित्तीय उभार इतना ज्यादा हो गया था कि वे खुद को ‘माझा का जरनैल’ कहने लगे थे। उन्होंने कहा कि उस दौरान पंजाब ने देखा कि कितने राजनीतिक करियर तबाह हुए और कितनी जिंदगियां बर्बाद हुईं, क्योंकि पंजाब में ‘चिट्टे’ (सिंथेटिक ड्रग्स) की एंट्री उसी दौर में हुई थी। उन्होंने आगे कहा कि मजीठिया के साथियों ने लाल बत्ती वाली गाड़ियों का इस्तेमाल किया, उन्हें पुलिस जिप्सियां दी गईं और इस सारे काले कारोबार में उनकी भूमिका संदिग्ध थी।

 

आय से अधिक संपत्ति (DA) के मामले पर बोलते हुए पन्नू ने कहा कि असली सवाल बेहिसाब बड़ी रकम के स्रोत के बारे में था। अब यह स्पष्ट है कि कोई 5 करोड़ रुपये दे रहा है, तो कोई 10 करोड़ रुपये। उन्होंने सवाल उठाया कि यह किस तरह का कर्ज है जिसके कोई दस्तावेज नहीं, कोई किश्तें नहीं और कोई वापसी नहीं? ये कंपनियां सिर्फ काले धन को सफेद करने के लिए बनाई गई थीं। अकाली दल (बादल) यह मानकर चल रहा था कि वे 25 साल राज करेंगे, इसलिए उन्होंने सोचा कि वे जो चाहे कर सकते हैं और कोई उनसे सवाल नहीं पूछेगा। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कैप्टन अमरिंदर सिंह ने भी अब “चाचा-भतीजा सरकार” के आरोपों को सार्वजनिक तौर पर साबित कर दिया है, क्योंकि आज कैप्टन अपनी पार्टी से ज्यादा बादलों का बचाव कर रहे हैं।

 

पन्नू ने कहा कि पंजाब के लोगों ने ‘आप’ को इसलिए बड़ा बहुमत दिया है ताकि “नशा माफिया के बड़े मगरमच्छों को गिरफ्तार किया जा सके।” मान सरकार ने हमेशा कहा है कि किसी भी भ्रष्टाचारी, किसी भी नशा तस्कर और किसी भी गैंगस्टर के सरपरस्त को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि जो लोग दावा कर रहे थे कि यह मामला सियासी बदलाखोरी है, उन्हें आज आत्ममंथन करना चाहिए। हाई कोर्ट द्वारा मजीठिया की जमानत रद्द करना अपने आप में 2007 से 2017 के बीच जो कुछ हुआ, उस पर एक मोहर है। पंजाब सरकार और मुख्यमंत्री भगवंत मान की तरफ से चेतावनी देते हुए पन्नू ने कहा कि जिसने भी चिट्टे का व्यापार किया, गैंगस्टरों या माफिया को पनाह दी, उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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