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सांसद कंग की PM को चिट्ठी: ‘Veer Bal Diwas’ का नाम बदलकर ‘Sahibzade Shaheedi Diwas’ करने की मांग तेज

Sahibzade Shaheedi Diwas : श्री आनंदपुर साहिब से लोकसभा सांसद मलविंदर सिंह कंग ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर ‘वीर बाल दिवस’ (Veer Bal Diwas) का नाम तुरंत बदलकर ‘साहिबजादे शहीदी दिवस’ (Sahibzade Shaheedi Diwas) करने की मांग उठाई है। उनकी यह मांग श्री अकाल तख्त साहिब के कार्यकारी जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज द्वारा 4 दिसंबर 2025 को अमृतसर स्थित पवित्र स्थल से जारी ताज़ा आदेश पर आधारित है।

साहिबजादों की शहादत को मिली केंद्रीय जगह

कंग ने अपने पत्र में सुखमनी साहिब की अमर बाणियों का हवाला देते हुए कहा कि छोटे साहिबजादों—साहिबजादा जोरावर सिंह जी,साहिबजादा फतेह सिंह जी,(Sahibzada Zorawar Singh Fateh Singh) की अटूट आस्था, साहस और बलिदान को पूरी दुनिया सिख इतिहास (Sikh History) के सबसे महान उदाहरणों में गिनती है। दोनों नौजवान साहिबजादों ने सरहिंद में अमानवीय अत्याचारों का सामना किया और दीवार में जिंदा चुनवा कर शहादत दी थी।

कंग ने कहा कि यह नाम बदलना केवल शब्दों का बदलाव नहीं, बल्कि सिख धर्म की भावनाओं और ऐतिहासिक महत्ता का सम्मान है।

“वीर बाल दिवस” पर उठी धार्मिक गहराई की चिंता

MP कंग के अनुसार, 2022 से केंद्र सरकार द्वारा घोषित (Veer Bal Diwas) वीर बाल दिवस, अच्छी मंशा के बावजूद, दिसंबर महीने की सिख आध्यात्मिकता और ऐतिहासिक भावनाओं की गहराई को पूरी तरह नहीं दर्शा पाता। कंग ने कहा कि सिख परंपरा में साहिबजादों की शहादत को जिस श्रद्धा से याद किया जाता है, वह किसी भी धर्मनिरपेक्ष व्याख्या से परे है।

Akal Takht और SGPC की की गई पुरानी मांग का ज़िक्र

कंग ने बताया कि Akal Takht, Shiromani Gurdwara Parbandhak Committee (SGPC) 2023 से ही प्रधानमंत्री को लिखित रूप में इस बदलाव की मांग कर रहे हैं और 1934 के ऐतिहासिक प्रस्तावों का भी हवाला दे चुके हैं। यह मांग लंबे समय से सिख संस्थाओं के बीच बनी हुई है।

“समुदाय की भावनाओं की अनदेखी खतरे का संकेत”

कंग ने चेतावनी देते हुए कहा कि इस मुद्दे की अनदेखी से उस समुदाय की भावनाएँ आहत हो सकती हैं, जिसका देश की एकता और स्वतंत्रता में योगदान रक्त और बलिदान से भरा पड़ा है। उन्होंने सरहिंद में साहिबजादों की शहादत को याद करते हुए कहा— “जिन बच्चों को जिंदा दीवार में चुनवा दिया गया, उनकी शहादत को उचित सम्मान देना हमारा दायित्व है।”

केंद्र सरकार से की तत्काल अपील

अंत में कंग ने कहा कि वे सिख पंथ की एकजुट भावना के साथ खड़े हैं और केंद्र सरकार से तुरंत कार्रवाई करते हुए ‘वीर बाल दिवस’ (Veer Bal Diwas) का नाम बदलकर ‘साहिबजादे शहीदी दिवस’ (Sahibzade Shaheedi Diwas) करने की अपील करते हैं। उन्होंने इसे सांस्कृतिक संवेदनशीलता और ऐतिहासिक न्याय की दिशा में एक आवश्यक कदम बताया।

 

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