Haryana में Planocough D खांसी की सिरप बैन – DEG की अधिकता पाई गई, स्वास्थ्य मंत्री ने जनता से सतर्क रहने की अपील की।

Haryana : हरियाणा सरकार ने राज्य में “Planocough D Cough Syrup” की बिक्री और उपयोग पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। यह कदम डायएथिलीन ग्लाइकॉल (DEG) की अत्यधिक मात्रा पाए जाने के बाद उठाया गया है। स्वास्थ्य मंत्री कुमारी आरती सिंह राव ने जनता से इस सिरप का उपयोग न करने की सख्त अपील की है।
क्यों लगाया गया बैन?
केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO, गुवाहाटी) की रिपोर्ट के अनुसार, “Planocough D” सिरप के बैच संख्या R25053101 में डायएथिलीन ग्लाइकॉल (DEG) की मात्रा अनुमेय सीमा से अधिक पाई गई है।
यह रासायनिक तत्व गुर्दों की विफलता, तंत्रिका तंत्र में विकार (Neurological complications) और गंभीर मामलों में मृत्यु तक का कारण बन सकता है — खासतौर पर बच्चों में।
बैन की गई दवा का विवरण
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दवा का नाम: Planocough D (Cetirizine Hydrochloride, Phenylephrine Hydrochloride & Dextromethorphan Hydrobromide Syrup)
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बैच संख्या: R25053101
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निर्माण तिथि: फरवरी 2025
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समाप्ति तिथि: जनवरी 2027
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निर्माता: M/s Shreya Life Sciences Pvt. Ltd., रायपुर, भगवानपुर, रुड़की (उत्तराखंड)
“Adulterated and Not of Standard Quality” घोषित
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि इस सिरप को “Adulterated and Not of Standard Quality” घोषित किया गया है। इसलिए राज्यभर में इसके बिक्री, वितरण और उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। उन्होंने कहा –जनता की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी दवा विक्रेताओं और अस्पतालों को निर्देश दिए गए हैं कि वे इस सिरप को तुरंत बाजार से हटाएं और किसी भी परिस्थिति में इसका उपयोग न करें।
जनता से अपील
कुमारी आरती सिंह राव ने नागरिकों से आग्रह किया कि वे अपने घरों में रखी दवाइयों की जांच करें। यदि Planocough D का यह बैच मौजूद है, तो उसे तुरंत उपयोग में न लाएं और नजदीकी स्वास्थ्य विभाग या दवा नियंत्रण अधिकारी को सूचित करें।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस पूरे मामले की सतर्कता और पारदर्शिता के साथ निगरानी कर रही है ताकि किसी भी नागरिक को नुकसान न पहुंचे।
सरकार का सख्त रुख
हरियाणा सरकार ने सभी जिलों के ड्रग इंस्पेक्टरों को बाजार से प्रभावित बैच तुरंत हटाने के निर्देश दिए हैं।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा –हम जनता की सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। हरियाणा में ऐसी दवाओं को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।






