हरियाणा में अब कानून की चलेगी, अपराधियों की नहीं – CM नायब सिंह सैनी

हरियाणा की विधानसभा में आज मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अपराध और कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर विपक्ष को घेरते हुए साफ संदेश दिया – “हरियाणा में अब अपराधियों की हैसियत नहीं, कानून की चलेगी हुकूमत।”
मुख्यमंत्री ने विपक्ष के स्थगन प्रस्ताव पर बोलते हुए कहा कि राज्य सरकार अपराध पर “जीरो टॉलरेंस नीति” के साथ काम कर रही है, और यह नीति सिर्फ कागज़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि ज़मीन पर दिखाई दे रही है।
तेज़ कार्रवाई, तेज़ न्याय – जनता का बढ़ा भरोसा
CM सैनी ने बताया कि कैसे सरकार के सख्त रुख और प्रभावी रणनीति से अपराधों की दर में गिरावट आई है।
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि 20 सितंबर 2024 को यमुनानगर में एक नाबालिग के साथ बलात्कार और हत्या के मामले में 24 घंटे में गिरफ्तारी और 8 महीने में फांसी की सजा दिलवाकर न्याय की नई मिसाल कायम की गई।
विपक्ष पर सीधा हमला
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि 2004-2014 के दौरान महिला अपराधों में तीन गुना इज़ाफा हुआ। उन्होंने बताया कि उस समय सिर्फ एक महिला थाना खोला गया था, जबकि वर्तमान सरकार ने 33 महिला थाने, दुर्गा शक्ति ऐप, महिला बटालियन और रैपिड एक्शन फोर्स जैसी कई पहल की हैं।
“पुराने कानूनों को हटाकर लाया गया नया न्याय तंत्र”
CM सैनी ने कहा कि अपराधियों को सज़ा दिलवाने में अब देरी नहीं होती क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की सोच से नए आपराधिक कानून लागू किए गए हैं।
अपराधियों की धरपकड़: आंकड़ों में सफलता
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1 जनवरी 2024 से अब तक 110 मुठभेड़,
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13 गैंगस्टर ढेर,
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157 घायल,
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5 कुख्यात गैंगस्टर विदेश से गिरफ्तार,
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75% साइबर क्राइम राज्य से बाहर से संचालित, लेकिन हरियाणा पुलिस ने दबदबा कायम किया।
कांग्रेस शासन की काली छाया: CM का हमला
मुख्यमंत्री ने रोहतक थाना परिसर बलात्कार कांड, ‘अपना घर’ मामला, और इनेलो के पूर्व विधायक द्वारा मोखरा गांव में ‘किला’ बनाकर पुलिस को चकमा देने जैसी घटनाओं का जिक्र किया और सवाल उठाया कि “क्या यही है विपक्ष का सुशासन मॉडल?”
सोशल मीडिया पर गैंगस्टरों की छवि पर जताई चिंता
CM सैनी ने कहा कि कुछ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स अपराधियों को नायक की तरह पेश करते हैं, जिससे युवाओं पर गलत असर पड़ता है। उन्होंने मीडिया से आग्रह किया कि ऐसे अपराधियों का महिमामंडन न करें, उनके नाम और फोटो न छापें।






