चुनाव आयोग ने विपक्ष के ‘वोट चोरी’ आरोपों को बताया भ्रामक, राहुल गांधी बोले – नहीं होने देंगे चुनाव चोरी

पटना/नई दिल्ली, 17 अगस्त 2025 – बिहार में चल रही स्पेशल इंटेंसिव रिवीज़न (SIR) प्रक्रिया को लेकर सियासत गरमाई हुई है। विपक्ष द्वारा ‘वोट चोरी’ के आरोप लगाए जाने के बीच मुख्य चुनाव आयुक्त Gyanesh Kumar ने विपक्ष के आरोपों को “भ्रम फैलाने की कोशिश” करार दिया है और कहा कि एसआईआर पूरी पारदर्शिता के साथ लागू की जा रही है।
चुनाव आयोग ने विपक्ष पर कसा शिकंजा
मुख्य चुनाव आयुक्त Gyanesh Kumar ने रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में साफ कहा कि ज़मीनी स्तर पर सभी मतदाता, राजनीतिक दल और बूथ लेवल ऑफिसर्स मिलकर काम कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि एसआईआर से जुड़े दस्तावेज राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट्स (BLA) द्वारा भी सत्यापित किए गए हैं।
उन्होंने कहा,
“यह गंभीर चिंता का विषय है कि राजनीतिक दलों के जिला अध्यक्षों और बीएलए के सत्यापित दस्तावेज उनके स्वयं के राज्य या राष्ट्रीय नेताओं तक नहीं पहुंच पा रहे या फिर ज़मीनी सच को नजरअंदाज करते हुए भ्रम फैलाने की कोशिश की जा रही है।”
चुनाव आयोग ने जोर देकर कहा कि चुनाव आयोग किसी भी राजनीतिक दल के साथ पक्षपात नहीं करता क्योंकि हर राजनीतिक दल का जन्म चुनाव आयोग में पंजीकरण से ही होता है। Gyanesh Kumar ने कहा,
“चुनाव आयोग के लिए न कोई विपक्ष है, न कोई पक्ष है, सब समकक्ष हैं।”
विपक्ष ने लगाया वोट चोरी का आरोप
वहीं, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बिहार में SIR प्रक्रिया को लेकर चुनाव आयोग और बीजेपी पर वोट चोरी का आरोप लगाया है। राहुल गांधी ने कहा,
“पूरे देश में विधानसभा और लोकसभा चुनाव चोरी हो रहे हैं। बिहार में एसआईआर के जरिए नए वोटरों को जोड़कर और वोटरों को काटकर चुनाव चोरी की साजिश रची जा रही है। हम इन्हें चुनाव चोरी नहीं करने देंगे।”
राहुल गांधी ने कांग्रेस और इंडिया गठबंधन के ‘वोटर अधिकार यात्रा’ के दौरान यह बयान दिया, जो बिहार के सासाराम से शुरू हुई है।
सुप्रीम कोर्ट ने भी लिया संज्ञान
हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने बिहार में SIR को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए चुनाव आयोग से 65 लाख मतदाताओं की लिस्ट जारी करने को कहा है, जिन्हें ड्राफ्ट लिस्ट में शामिल नहीं किया गया।
बीजेपी का पलटवार
बीजेपी सांसद दिनेश शर्मा ने राहुल गांधी के आरोपों को “अनर्गल दुष्प्रचार” बताया और कहा,
“राहुल गांधी की कोई भी यात्रा सफल नहीं होने वाली।”
क्या है SIR?
स्पेशल इंटेंसिव रिवीज़न (SIR) एक विशेष प्रक्रिया है जिसमें मतदाता सूची का गहन पुनरीक्षण किया जाता है, ताकि फर्जी और मृतक मतदाताओं को हटाया जा सके और नए योग्य मतदाताओं को जोड़ा जा सके। बिहार में इसे एक पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू किया गया है।






