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Haryana सरकार का बड़ा फैसला: ITI प्रमाणपत्र धारकों को मिलेगा अप्रेंटिसशिप प्रशिक्षण का कार्य अनुभव के रूप में लाभ

चंडीगढ़, 11 अगस्त 2025: हरियाणा सरकार (Haryana Govt) ने प्रदेश के आईटीआई (औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान) प्रमाणपत्र धारकों को एक बड़ा तोहफा दिया है। अब प्रदेश में एक वर्ष या उससे अधिक की अवधि के अप्रेंटिसशिप (Apprenticeship) प्रशिक्षण को एक वर्ष के कार्य अनुभव के बराबर माना जाएगा। सरकार के इस निर्णय से तकनीकी और कौशल आधारित प्रशिक्षण प्राप्त युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे और उनका व्यावहारिक अनुभव भी अब औपचारिक रूप से मान्यता प्राप्त होगा।

हरियाणा में CET अभ्यर्थियों के लिए खुशखबरीमुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी द्वारा जारी पत्र में स्पष्ट किया गया है कि यह निर्णय उन प्रशिक्षुओं पर लागू होगा, जिनके पास अप्रेंटिसशिप अधिनियम 1992 की अनुसूची-1 के अंतर्गत आईटीआई योग्यता है और जिन्होंने राष्ट्रीय शिक्षुता प्रमाणपत्र (NAC) प्राप्त किया है। इस निर्णय के तहत अब विभिन्न सरकारी विभागों, बोर्डों, निगमों, मिशन प्राधिकरणों, विश्वविद्यालयों और अन्य राज्य-नियंत्रित संस्थानों में सीधी भर्ती के दौरान ऐसे अभ्यर्थियों को एक वर्ष के अनुभव का लाभ मिलेगा, जहां शैक्षणिक योग्यता के साथ अनुभव भी एक अनिवार्य पात्रता है।

क्यों है यह फैसला अहम?

हरियाणा में हर साल हजारों युवा आईटीआई से प्रशिक्षण प्राप्त करते हैं और उनके लिए अप्रेंटिसशिप एक जरूरी हिस्सा होता है, जिससे वे उद्योगों में व्यावहारिक ज्ञान अर्जित करते हैं। अब तक यह अनुभव केवल प्रशिक्षण तक ही सीमित था, लेकिन अब इसे कार्य अनुभव के रूप में गिना जाएगा। इससे ऐसे युवाओं को सरकारी और निजी क्षेत्रों में सीधी भर्ती में प्रतिस्पर्धा में बढ़त मिलेगी।

सभी विभागों को सेवा नियमों में बदलाव के निर्देश

सरकार ने सभी संबंधित विभागों और संस्थानों को निर्देश जारी किए हैं कि वे अपने सेवा नियमों और विनियमों में संशोधन करें ताकि राष्ट्रीय शिक्षुता प्रमाणपत्र धारकों को इस निर्णय का वास्तविक लाभ मिल सके। यह फैसला केंद्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय के दिशानिर्देशों के अनुरूप लिया गया है, जो देशभर में अप्रेंटिसशिप को बढ़ावा देने की दिशा में प्रयासरत है।

युवाओं में उत्साह, रोजगार की संभावना मजबूत

आईटीआई प्रशिक्षु और स्नातक इस फैसले से बेहद उत्साहित हैं। कई युवाओं का कहना है कि इससे उनके वर्षों के मेहनत और अनुभव को औपचारिक मान्यता मिलेगी और वे अब बिना किसी अनुभव के बाधा के बेहतर पदों के लिए आवेदन कर सकेंगे। इससे हरियाणा में कौशल विकास और रोजगार के क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव की उम्मीद की जा रही है।

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