नई दिल्ली: बॉलीवुड के महान अभिनेता और फिल्म निर्माता राज कपूर की शताब्दी समारोह से पहले, कपूर परिवार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के लिए दिल्ली पहुंचा। इस मुलाकात का उद्देश्य प्रधानमंत्री मोदी को आगामी फिल्म महोत्सव में आमंत्रित करना था, जो दिवंगत राज कपूर की विरासत का सम्मान करेगा और उनकी याद को ताजगी से प्रस्तुत करेगा।
कपूर परिवार की दिल्ली यात्रा
कपूर परिवार के सदस्य मुंबई के कलिना हवाई अड्डे से दिल्ली के लिए रवाना हुए। इस यात्रा में रणबीर कपूर, उनकी पत्नी आलिया भट्ट, नीतू कपूर, करिश्मा कपूर, करीना कपूर खान और सैफ अली खान जैसे प्रमुख सदस्य शामिल थे। इसके अलावा, आदर जैन और उनकी पत्नी अनीसा मल्होत्रा, और आदर के पिता मनोज जैन भी परिवार के साथ थे।
सभी परिवार सदस्य फैशनेबल और खूबसूरत परिधानों में नजर आए। आलिया भट्ट ने लाल ऑर्गेना साड़ी पहनी, जबकि रणबीर कपूर काले रंग के इंडो-वेस्टर्न सूट में काफी आकर्षक दिखे। करीना कपूर खान ने अपने सिग्नेचर स्मोकी-आई मेकअप के साथ लाल सूट पहना, वहीं सैफ अली खान ने सफेद पठानी सूट में सहज elegance का प्रदर्शन किया। नीतू कपूर और करिश्मा कपूर ने गोल्डन कढ़ाई वाले सफेद आइवरी सूट में सभी का ध्यान आकर्षित किया।
राज कपूर की 100वीं जयंती समारोह
राज कपूर की 100वीं जयंती के मौके पर कपूर परिवार दिवंगत अभिनेता को श्रद्धांजलि देने की तैयारी कर रहा है। 4 दिसंबर को, करीना कपूर खान ने सोशल मीडिया पर एक भव्य समारोह की जानकारी साझा की। इस समारोह में राज कपूर की सबसे प्रतिष्ठित फिल्मों की विशेष स्क्रीनिंग का आयोजन किया जाएगा, जो 13 से 15 दिसंबर 2024 तक 40 शहरों और 135 सिनेमाघरों में होगी। करीना ने इंस्टाग्राम पर लिखा, “राज कपूर की विरासत आज भी कायम है। हमें अपने दादा, भारत के महानतम शोमैन, राज कपूर की 100वीं जयंती मनाने पर बहुत गर्व है।”
यह स्क्रीनिंग पीवीआर-आइनॉक्स और सिनेपोलिस सिनेमाघरों में आयोजित की जाएगी, जिसमें टिकट की कीमत प्रतीकात्मक 100 रुपये रखी गई है। इस अनोखे फिल्म महोत्सव में राज कपूर अभिनीत कुल 10 फ़िल्में दिखाई जाएंगी, जिनमें ‘आग’, ‘बरसात’, ‘आवारा’, ‘श्री 420’ और ‘मेरा नाम जोकर’ जैसी कालजयी क्लासिक फ़िल्में शामिल हैं।
रणबीर कपूर का बयान
हाल ही में भारतीय अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (IFFI) 2024 के दौरान, रणबीर कपूर ने राज कपूर की फिल्मों और उनके द्वारा किए गए योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने भारतीय सिनेमा की विरासत को संरक्षित करने के महत्व पर जोर दिया और कहा, “यह महत्वपूर्ण है कि हम अपनी जड़ों को याद रखें। न केवल राज कपूर, बल्कि कई फिल्म निर्माता और कलाकार जिन्होंने भारतीय सिनेमा पर अमिट छाप छोड़ी है।”
रणबीर ने यह भी बताया कि राज कपूर की फिल्मों की बहाली प्रक्रिया में राष्ट्रीय फिल्म विकास निगम (NFDC), भारतीय राष्ट्रीय फिल्म अभिलेखागार (NFAI) और फिल्म हेरिटेज फाउंडेशन के संयुक्त प्रयासों का अहम योगदान रहा है।
राज कपूर की सिनेमाई यात्रा
राज कपूर का फिल्मी करियर शानदार और अविस्मरणीय रहा। उन्होंने ‘इंकलाब’ (1935) में बाल कलाकार के रूप में शुरुआत की और बाद में ‘नील कमल’ (1947) जैसी फिल्मों में अपनी अभिनय क्षमता का लोहा मनवाया। इसके बाद, निर्देशक और निर्माता के रूप में उन्होंने भारतीय सिनेमा में अपनी पहचान बनाई। उनकी कृतियाँ, जैसे ‘जिस देश में गंगा बहती है’, ‘बॉबी’, और ‘राम तेरी गंगा मैली’, आज भी दर्शकों द्वारा सराही जाती हैं। राज कपूर ने 1948 में ‘आरके फिल्म्स’ की स्थापना की और भारतीय सिनेमा को एक नया दिशा दी।
राज कपूर की फिल्में अपनी अग्रणी कहानी, मधुर संगीत, और सामाजिक प्रासंगिकता के लिए आज भी लोगों के दिलों में जीवित हैं। उनकी फिल्मों ने न केवल भारतीय सिनेमा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी अपनी पहचान बनाई।






