Shefali Verma World Cup : रोहतक की बेटी शेफाली वर्मा — लड़कियों के लिए नई प्रेरणा, जैसे सचिन तेंदुलकर ने कभी दी थी

रोहतक (हरियाणा), 05 नवंबर: भारत की महिला क्रिकेट टीम की विश्व कप जीत के बाद पूरे देश में जश्न का माहौल है। इसी खुशी के बीच हरियाणा के रोहतक से एक नाम फिर सुर्खियों में है — Shefali Verma, जिसने फाइनल मुकाबले में अपने दमदार प्रदर्शन से न केवल भारत को जीत दिलाई बल्कि “वुमन ऑफ द मैच” का खिताब भी अपने नाम किया।
रेलवे रोड स्थित उनके घर में रविवार रात से बधाई देने वालों की भीड़ लगी रही। पिता संजय वर्मा मिठाइयां बांटते नहीं थक रहे थे, जबकि मां पर्वीन वर्मा मेहमानों को गुड़ की बर्फी खिलाकर स्वागत कर रही थीं।
“अभी भी यकीन नहीं हो रहा कि हमारी बेटी Shefali Verma ने भारत को वर्ल्ड कप जिताया है,” पर्वीन ने मुस्कुराते हुए कहा।
“विमेन इन ब्लू” ने रचा इतिहास
Shefali Verma की तूफानी बल्लेबाज़ी और शानदार गेंदबाज़ी के दम पर “विमेन इन ब्लू” ने फाइनल में दक्षिण अफ्रीका को हराकर इतिहास रचा।
कप्तान हरमनप्रीत कौर ने ट्रॉफी लेते वक्त कहा — “यह जीत सिर्फ टीम की नहीं, देशभर की हर उस लड़की की है जो सपने देखती है।”
रोहतक की गलियों में जैसे ही भारत की जीत का ऐलान हुआ, आतिशबाज़ी और ढोल-नगाड़ों से पूरा शहर गूंज उठा।
लड़कों के बीच खेली, अब दुनिया में छाई
शेफाली बचपन से ही अलग थीं। जब वह 10 साल की थीं, पिता ने उनके बाल कटवाकर उन्हें लड़कों के साथ खेलने भेजा ताकि वह रोज़ क्रिकेट का अभ्यास कर सकें। Shefali Verma
“उस वक्त लड़कियों के लिए कोई क्रिकेट टीम नहीं थी, इसलिए मैंने उसे लड़कों के बीच भेजा,” संजय वर्मा ने बताया।
आज वही लड़की भारत की वर्ल्ड कप हीरो बन गई है।
पिता का सपना, बेटी ने किया पूरा
संजय वर्मा खुद क्रिकेटर बनना चाहते थे, लेकिन परिवारिक जिम्मेदारियों ने उन्हें रोक लिया।
“मैंने संकल्प लिया था कि अपने बच्चों को इंडिया के लिए खिलाऊंगा, और आज वो सपना शेफाली ने पूरा किया,” उन्होंने कहा।
उनके बेटे साहिल और बेटी नैंसी भी कोचिंग ले रहे हैं। अब मोहल्ले की कई लड़कियां उनके पास आकर पूछती हैं — “हम भी शेफाली जैसी बन सकते हैं?”
कप्तान हरमनप्रीत का भरोसा
कप्तान हरमनप्रीत कौर ने खुलासा किया कि शेफाली को टीम में शामिल करने का फैसला उनके “गट फीलिंग” पर आधारित था।
“मुझे लगा कि गेंद उन्हीं को देनी चाहिए — और उन्होंने निराश नहीं किया,” हरमनप्रीत बोलीं।
उन्होंने आगे कहा — “आज की शेफाली आने वाली पीढ़ियों के लिए वही प्रेरणा हैं, जो कभी सचिन तेंदुलकर हमारे लिए थे।”
“अब गली-गली में लड़कियां क्रिकेट खेलेंगी”
उपकप्तान स्मृति मंधाना ने कहा, “हमारा सपना है कि किसी दिन गली में दो लड़कियों की टीम क्रिकेट खेलती दिखे — बिना किसी हिचकिचाहट के।”
सोशल मीडिया पर शेफाली की ट्रॉफी वाली फोटो वायरल है, जिसके कैप्शन में उन्होंने लिखा —
“Grateful for everything.”
हजारों लोगों ने कमेंट किया — “You are an inspiration, Shefali!”
अब दूसरों की प्रेरणा बनी शेफाली
मां पर्वीन गर्व से कहती हैं —
“पहले लोग कहते थे, लड़की क्रिकेट खेलेगी? अब वही लोग अपनी बेटियों को अकादमी में भर्ती करा रहे हैं।”
पिता संजय मुस्कराते हुए बोले —
“सचिन तेंदुलकर उनकी प्रेरणा थे… और अब वो दूसरों की प्रेरणा बन गई है।”
Source: theprint.in






