रूस का कैंसर टीका: कीमत 2.5 लाख रुपये, ट्यूमर को 80% तक सिकोड़ने में सक्षम
रूस ने कैंसर के इलाज के लिए एक प्रभावी टीका विकसित किया है, जिसने प्री-क्लिनिकल परीक्षणों में 80 प्रतिशत तक ट्यूमर सिकुड़ने के परिणाम दिखाए हैं।
मॉस्को, 21 दिसंबर: रूस ने कैंसर के इलाज के लिए एक प्रभावी टीका विकसित किया है, जिसने प्री-क्लिनिकल परीक्षणों में 80 प्रतिशत तक ट्यूमर सिकुड़ने के परिणाम दिखाए हैं। इस टीके की खासियत यह है कि इसे प्रत्येक रोगी के ट्यूमर कोशिकाओं के डेटा के आधार पर व्यक्तिगत रूप से तैयार किया जाता है। रूसी स्वास्थ्य मंत्रालय के रेडियोलॉजी मेडिकल रिसर्च सेंटर के निदेशक आंद्रेई कैप्रीन ने इस उपलब्धि की जानकारी दी।
कैसे काम करता है यह टीका?
रूस की फेडरल मेडिकल बायोलॉजिकल एजेंसी की प्रमुख वेरोनिका स्वोरोत्स्कोवा ने बताया कि यह टीका मुख्य रूप से मेलेनोमा (त्वचा कैंसर) के खिलाफ कारगर है। इसकी प्रक्रिया इस प्रकार है:
1. कैंसर रोगी से कैंसर कोशिकाओं का नमूना लिया जाता है।
2. वैज्ञानिक उस ट्यूमर के जीन का अनुक्रम तैयार करते हैं।
3. इसके माध्यम से कैंसर कोशिकाओं में पाए जाने वाले विशेष प्रोटीन की पहचान की जाती है।
4. इस जानकारी के आधार पर एमआरएनए टीका तैयार किया जाता है, जो शरीर की टी कोशिकाओं को सक्रिय कर कैंसर कोशिकाओं को नष्ट करने में मदद करता है।
प्री-क्लिनिकल परीक्षण में मिला उत्साहजनक परिणाम
आंद्रेई कैप्रीन के अनुसार, यह टीका ट्यूमर की वृद्धि को धीमा करने के साथ-साथ इसे 80 प्रतिशत तक सिकोड़ने में सक्षम है। यह सफलता कैंसर के इलाज में एक क्रांतिकारी कदम मानी जा रही है।
कीमत और उपलब्धता
इस टीके की कीमत लगभग 2.5 लाख रुपये निर्धारित की गई है। हालांकि, रूस में इसे नागरिकों को मुफ्त में उपलब्ध कराया जाएगा। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यह टीका कब तक उपलब्ध होगा, इस पर अभी कोई जानकारी नहीं दी गई है।
दूसरा टीका जल्द होगा उपलब्ध
रूसी स्वास्थ्य मंत्रालय ने यह भी बताया कि कैंसर से लड़ने के लिए एक और टीका विकसित किया जा रहा है। इसका नाम ‘एंटरोमिक्स’ है और यह ऑन्कोलिटिक वायरस थेरेपी पर आधारित है। यह थेरेपी ट्यूमर को सीधे नष्ट करने के बजाय रोग प्रतिरोधक क्षमता को सक्रिय कर कैंसर कोशिकाओं को खत्म करती है।
वैश्विक कैंसर रोगियों के लिए उम्मीद
इस रूसी टीके की घोषणा ने दुनिया भर में कैंसर रोगियों के बीच आशा की नई किरण जगा दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह व्यक्तिगत और लक्षित चिकित्सा के क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव लाएगा। वैज्ञानिकों का कहना है कि यह टीका कैंसर के इलाज को अधिक प्रभावी और सुरक्षित बनाने में मदद करेगा।






