पंजाब में धार्मिक ग्रंथों की बेअदबी पर जल्द बनेगा सख्त कानून, जनता से मांगे जा रहे सुझाव
चंडीगढ़, 24 जुलाई: पंजाब सरकार अब धार्मिक ग्रंथों की बेअदबी को लेकर गंभीर कदम उठाने जा रही है। इस संवेदनशील मुद्दे पर ठोस और प्रभावी कानून लाने के लिए पंजाब विधानसभा में 15 सदस्यीय सिलेक्ट कमेटी का गठन हो चुका है, जिसकी पहली बैठक सोमवार को हुई। कमेटी अब आम जनता से सुझाव मांगेगी, ताकि कानून का मसौदा जन भावना के अनुरूप तैयार किया जा सके।
कमेटी के चेयरमैन और आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ विधायक डॉ. इंदरबीर सिंह निज्जर ने बताया कि रिपोर्ट छह महीने से पहले ही पंजाब विधानसभा के स्पीकर को सौंप दी जाएगी। इसके लिए हर सप्ताह नियमित बैठकें होंगी और आवश्यकता पड़ने पर सब-कमेटी भी गठित की जा सकती है।
जनता से जुड़ने की तैयारी, सुझाव भेजने के लिए खुलेंगे कई माध्यम
डॉ. निज्जर ने बताया कि जल्द ही ईमेल, वॉट्सऐप और डाक के जरिए जनता से सुझाव लिए जाएंगे। इस प्रक्रिया की रूपरेखा अगली बैठक में तय की जाएगी। खास बात यह है कि राज्य के 117 विधायक भी सीधे तौर पर सुझाव देने के लिए आमंत्रित हैं।
समावेशी और ठोस कानून की दिशा में कदम
कमेटी में आम आदमी पार्टी, कांग्रेस और अन्य दलों के विधायक, पूर्व मंत्री और शिक्षाविद शामिल हैं, जो मिलकर इस कानून के स्वरूप को अंतिम रूप देंगे। डॉ. निज्जर ने कहा कि “इस बार हमारी कोशिश रहेगी कि जो कमियां पहले के कानूनों में रह गई थीं, उन्हें दूर किया जाए। यह सिर्फ सजा का नहीं, बल्कि संवेदनशीलता और सम्मान का मामला है।”






