सार्कोमा का समय पर इलाज ही जीवन और अंग दोनों बचा सकता है: पारस हेल्थ पंचकुला का जागरूकता अभियान

पंचकूला, 30 जुलाई 2025: सार्कोमा, एक दुर्लभ लेकिन खतरनाक कैंसर जो हड्डियों और सॉफ्ट टिशू को प्रभावित करता है, के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए पारस हेल्थ पंचकुला ने सार्कोमा अवेयरनेस मंथ पर विशेष अभियान शुरू किया है। सार्कोमा की पहचान में देरी होने पर इलाज जटिल हो जाता है और मरीज को अंग गंवाने का खतरा होता है।
सार्कोमा के शुरुआती लक्षण और पहचान
सार्कोमा के शुरुआती लक्षणों में लगातार जोड़ों में दर्द, गांठ या सूजन, चलने-फिरने में कठिनाई जैसे संकेत शामिल हैं। चूंकि यह दर्द कम या हल्का हो सकता है, इसलिए कई बार इसे सामान्य दर्द समझकर नजरअंदाज कर दिया जाता है। भारत में औसतन 4 से 6 महीने लग जाते हैं सार्कोमा की सही पहचान में, जिससे बीमारी एडवांस स्टेज में पहुंच जाती है।
डॉ. जगनदीप सिंह विर्क, सीनियर कंसल्टेंट ऑर्थो ऑन्कोलॉजी, पारस हेल्थ पंचकुला ने कहा, “सिर्फ दस दिन की देरी भी मरीज के लिए जानलेवा साबित हो सकती है। समय पर जांच और इलाज से मरीज के जीवन और अंग दोनों को बचाया जा सकता है।”
भारत में कैंसर के बढ़ते मामले और सार्कोमा का खतरा
इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) के अनुसार, भारत में 2025 तक 15.7 लाख नए कैंसर केस सामने आने की संभावना है, जिनमें सार्कोमा जैसे दुर्लभ और खतरनाक कैंसर भी शामिल हैं। सार्कोमा के लिए समय पर निदान अत्यंत आवश्यक है ताकि मरीज को अंग संरक्षण और बेहतर जीवन गुणवत्ता मिल सके।
पारस हेल्थ पंचकुला की मल्टीडिसिप्लिनरी टीम का रोल
पारस हेल्थ पंचकुला की फैकल्टी डायरेक्टर डॉ. पंकज मित्तल ने बताया कि अस्पताल में उन्नत तकनीकों जैसे इमेज-गाइडेड बायोप्सी, अंग-संरक्षण सर्जरी और प्रभावी रिहैबिलिटेशन सुविधाएं उपलब्ध हैं। हमारी मल्टीडिसिप्लिनरी टीम समय पर सही निदान और उपचार पर विशेष ध्यान देती है।
सार्कोमा अवेयरनेस मंथ: जागरूकता अभियान और मरीज शिक्षा
इस अवसर पर पारस हेल्थ पंचकुला में मरीज एजुकेशन सेशन, आउटरीच ड्राइव और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। ये पहल लोगों को गांठ, जोड़ों में दर्द और चलने में परेशानी जैसे लक्षणों को नजरअंदाज न करने और समय पर विशेषज्ञ से संपर्क करने के लिए प्रोत्साहित करती हैं।
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पारस हेल्थ पंचकुला
सार्कोमा से बचाव के लिए महत्वपूर्ण सुझाव
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जोड़ों या हड्डियों में लंबे समय तक जारी दर्द या सूजन को नजरअंदाज न करें।
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किसी भी असामान्य गांठ या सूजन के लिए तुरंत विशेषज्ञ से परामर्श लें।
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समय-समय पर मेडिकल चेकअप कराएं।
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फैमिली डॉक्टर और फिजियोथेरेपिस्ट से नियमित संवाद बनाए रखें।






