बसई वाटर ट्रीटमेंट प्रोजेक्ट में घोटाले पर सीएम सैनी का बड़ा एक्शन, चीफ इंजीनियर होंगे चार्जशीट

चंडीगढ़, 12 सितंबर 2025 — हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने गुरुग्राम के बहुचर्चित बसई वाटर ट्रीटमेंट प्रोजेक्ट में टेंडर प्रक्रिया में हुई गंभीर अनियमितताओं पर सख्त रुख अपनाते हुए संबंधित चीफ इंजीनियर को चार्जशीट करने के आदेश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास परियोजनाओं में ईमानदारी और पारदर्शिता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में HPPC और HPWPC की बैठक में लिए गए अहम फैसले
राज्य सरकार की उच्चाधिकार प्राप्त क्रय समिति (HPPC) और हाई पॉवर्ड वर्क्स परचेज कमेटी (HPWPC) की बैठक में कुल ₹851 करोड़ रुपये से अधिक के विभिन्न ठेकों और खरीद प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इस बैठक में मुख्यमंत्री के साथ कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल, श्याम सिंह राणा, रणबीर गंगवा और राज्य मंत्री राजेश नागर भी उपस्थित रहे।

टेंडर घोटाले में जानबूझकर नियमों की अनदेखी
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बताया कि बसई प्रोजेक्ट में टेंडर प्रक्रिया के दौरान जानबूझकर नियमों का उल्लंघन किया गया, जिससे सरकार को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा और परियोजना में अनावश्यक देरी हुई। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस तरह की लापरवाही भविष्य में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
“जनता के हितों से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा,” — मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी
28 करोड़ रुपये की सरकारी बचत, सख्त निगरानी के निर्देश
बैठक में विभिन्न ठेकों के लिए की गई नेगोसिएशन के बाद करीब ₹28 करोड़ रुपये की बचत की गई, जो सरकार की कुशल वित्तीय प्रबंधन नीति का उदाहरण है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि भविष्य में सभी टेंडर प्रक्रियाओं में सख्त पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जाए।
178 करोड़ रुपये से अधिक की सड़कों के सुदृढ़ीकरण परियोजनाएं मंजूर
बैठक में प्रदेशभर में सड़क नेटवर्क को बेहतर बनाने के लिए करीब ₹178 करोड़ रुपये की लागत से सड़क चौड़ीकरण और मरम्मत परियोजनाओं को मंजूरी दी गई। प्रमुख कार्यों में शामिल हैं:
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हांसी-तोशाम रोड का फोर-लेन निर्माण – ₹14.13 करोड़
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रोहतक-खरखौदा- दिल्ली बॉर्डर रोड का सुदृढ़ीकरण
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गोहाना-महम-भिवानी रोड, उकलाना रोड, कैथल-खनौरी रोड आदि की मरम्मत और सुदृढ़ीकरण
132/11 केवी ट्रांसफार्मर और कृषि सिंचाई परियोजनाओं को भी मंजूरी
राज्य में बिजली व्यवस्था सुदृढ़ करने के लिए ₹15.47 करोड़ की लागत से 132/11 केवी ट्रांसफार्मर खरीद, और ₹133 करोड़ रुपये की लागत से यूएचबीवीएन व डीएचबीवीएन में ट्रांसफार्मर मरम्मत की मंजूरी दी गई। साथ ही, राणा डिस्ट्रीब्यूटरी की रिमॉडलिंग पर भी ₹14 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।






