चंडीगढ़ नगर निगम बैठक: राशन कार्डधारकों को कम्युनिटी सेंटर फ्री, ट्यूबवेल भर्ती में भ्रष्टाचार के आरोप

चंडीगढ़, 29 जुलाई 2025 – चंडीगढ़ नगर निगम हाउस की हालिया बैठक में कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई और कुछ बड़े फैसले लिए गए। कम्युनिटी सेंटर बुकिंग को लेकर लंबे समय से जारी विवाद को समाप्त करते हुए निगम ने सेंटरों को तीन कैटेगरी A, B और C में बांट दिया है। साथ ही, राशन कार्डधारकों को कम्युनिटी सेंटर फ्री में बुक करने की सुविधा भी दी गई है। दूसरी ओर, ट्यूबवेल ऑपरेटरों की भर्ती प्रक्रिया में कथित भ्रष्टाचार को लेकर विपक्ष ने कड़ा हंगामा किया।

कम्युनिटी सेंटर रेट में वृद्धि, राशन कार्डधारकों को मुफ्त सुविधा
नगर निगम ने कम्युनिटी सेंटर के लिए तीन कैटेगरी तय की हैं — A कैटेगरी सेंटर की बुकिंग के लिए 3000 रुपये, B के लिए 2000 रुपये और C के लिए 1000 रुपये शुल्क लगाया गया है। हालांकि, जो लोग राशन कार्ड रखते हैं, उन्हें इन सेंटरों को बिना किसी शुल्क के बुक करने की छूट दी गई है। सीनियर डिप्टी मेयर जसबीर सिंह बंटी ने कहा कि इस फैसले से कम्युनिटी सेंटर की बढ़ती कीमतों का बोझ सीधे आम जनता पर नहीं पड़ेगा।
ट्यूबवेल ऑपरेटर भर्ती में भ्रष्टाचार के आरोप, जांच की मांग
बैठक के दौरान आम आदमी पार्टी के पार्षद दमनप्रीत सिंह ने ट्यूबवेल ऑपरेटर भर्ती में बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ी हुई है और इसकी न्यायिक जांच होनी चाहिए ताकि दोषी जिम्मेदारों को दंडित किया जा सके। इस मुद्दे पर सदन में तीखा विवाद हुआ।
गारबेज प्रोसेसिंग प्लांट की बदहाल हालत पर सवाल
आप पार्षद सुमन शर्मा ने नगर निगम की गारबेज प्रोसेसिंग प्लांट की खराब स्थिति पर मेयर से जवाब मांगा। उन्होंने कहा कि प्लांट में कई मशीनें महीनों से खराब पड़ी हैं, जिससे कूड़ा प्रभावी ढंग से प्रोसेस नहीं हो पा रहा। इस मुद्दे पर भी सत्र में भारी हंगामा हुआ। सुमन शर्मा ने बीजेपी पर आरोप लगाया कि वे केवल बयानबाजी करते हैं, लेकिन असल काम में असफल रहे हैं।
मेयर हरप्रीत कौर बबला का जवाब

मेयर हरप्रीत कौर बबला ने सफाई व्यवस्था में शहर की देशव्यापी रैंकिंग का हवाला देते हुए विपक्ष के आरोपों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ की सफाई व्यवस्था देश में दूसरे नंबर पर है, जो पूरी टीम की मेहनत का परिणाम है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी पार्षद शहर के विकास में बाधा डालने की कोशिश कर रहे हैं।
गारबेज प्लांट में मशीनरी खराब, निगम का भारी खर्च
हाल ही में सीनियर डिप्टी मेयर जसबीर सिंह बंटी, डिप्टी मेयर तरुणा मेहता और पार्षद प्रेम लता ने प्लांट का निरीक्षण किया, जिसमें कई मशीनें जैसे ‘क्लॉथ शेरेडर’, ड्रायर, कंप्रेसर, ब्लेंडर और बालिस्टिक सेपरेटर खराब मिले। कन्वेयर बेल्ट भी काटकर रखा गया है, जिससे कूड़ा सीधे जमीन पर गिर रहा है।
नगर निगम हर महीने इस प्लांट को ऑपरेशन और मेंटेनेंस के लिए 33 लाख रुपए दे रहा है, साथ ही बिजली और पानी के बिल भी निगम भरता है। वहीं, प्लांट से निकलने वाले RDF (Refuse Derived Fuel) को बेचकर कंपनी मुनाफा कमा रही है।






