अनिल विज को विधानसभा प्रभारी नियुक्त नहीं किए जाने पर उठे सवाल, खुद बोले – पूरे हरियाणा को देखना है मेरी जिम्मेदारी

हरियाणा भाजपा में हारी हुई 42 विधानसभा सीटों पर प्रभारी नियुक्तियों को लेकर हुई चर्चाओं के बीच पार्टी के वरिष्ठ नेता और सात बार के विधायक अनिल विज का नाम सूची में शामिल नहीं होने पर सियासी हलचल मची है। अनिल विज ने इस पर सफाई देते हुए कहा कि उन्हें केवल एक विधानसभा का प्रभारी बनाना उचित नहीं होगा, क्योंकि वह पूरे हरियाणा की जिम्मेदारी निभा रहे हैं।
अनिल विज ने क्या कहा?
अनिल विज ने साफ किया कि वे भाजपा के सबसे वरिष्ठ विधायक हैं और लगातार सात बार विधायक रह चुके हैं। उन्होंने कहा,
“जब अन्य नेताओं को केवल एक-एक विधानसभा की जिम्मेदारी दी गई है, तो मुझे पूरे प्रदेश को देखना है। इसलिए जल्द ही मैं प्रदेशभर का दौरा शुरू करूंगा। इस दौरान पार्टी के सभी नए और पुराने कार्यकर्ताओं से मुलाकात करूंगा और उनके हालचाल जानूंगा। साथ ही उन अधिकारियों की भी समीक्षा करूंगा, जो सरकार की योजनाओं को लागू नहीं कर रहे।”
क्या है मामला?
हरियाणा भाजपा ने पिछली विधानसभा चुनाव में हारी हुई 42 सीटों के लिए कई मंत्रियों और विधायकों को प्रभारी नियुक्त किया है। मुख्यमंत्री आवास पर हुई विधायक दल की बैठक में यह फैसला लिया गया, लेकिन इसमें पार्टी के वरिष्ठ नेता अनिल विज को कोई प्रभारी जिम्मेदारी नहीं दी गई।
इस सूची में अंबाला शहर, बड़ौदा, जुलाना, डबवाली, सिरसा, आदमपुर, हिसार, गढ़ी सांपला, रोहतक, झज्जर, नूंह, पंचकूला समेत कई महत्वपूर्ण विधानसभा क्षेत्रों के प्रभारी बने हैं मंत्री विपुल गोयल, गौरव गौतम, राव नरबीर सिंह, रणबीर गंगवा, महिपाल ढांडा, कृष्ण कुमार बेदी, आरती सिंह राव और श्रुति चौधरी।






