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9 दिन की देरी से मध्यप्रदेश पहुंचा मानसून, कई जिलों में बारिश और आंधी का अलर्ट

मध्यप्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून ने आज बुधवार को प्रवेश कर लिया। मौसम विभाग के अनुसार मानसून बालाघाट, डिंडौरी, अनूपपुर, सिवनी, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, बैतूल, हरदा, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन और बड़वानी जिलों के रास्ते प्रदेश में पहुंचा है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार मानसून सामान्य तिथि 15 जून की तुलना में लगभग नौ दिन विलंब से प्रदेश में पहुंचा है। अगले तीन से चार दिनों में इसके प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में फैलने की संभावना है।

मानसून के प्रवेश के साथ ही मौसम विभाग ने प्रदेश के 42 जिलों में तेज हवा, गरज-चमक और वर्षा का अलर्ट जारी किया है। हरदा, बैतूल, खंडवा, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा और बुरहानपुर सहित अनेक जिलों में वर्षा की संभावना जताई गई है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, देवास, सीहोर, शाजापुर, धार, खरगोन, नर्मदापुरम, सागर, दमोह, जबलपुर, कटनी, सिवनी, रीवा, मऊगंज और सिंगरौली सहित कई जिलों में भी आंधी और वर्षा का दौर रहने का अनुमान है। पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के 39 जिलों में वर्षा और तेज हवाएं दर्ज की गईं। बालाघाट में ओलावृष्टि भी हुई। बालाघाट में सर्वाधिक सवा इंच तथा रायसेन में लगभग पौन इंच वर्षा रिकॉर्ड की गई।

मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार एक जून से अब तक प्रदेश में औसतन 78.5 मिमी वर्षा होना चाहिए थी, जबकि केवल 37.1 मिमी वर्षा दर्ज की गई है, जो सामान्य से 53 प्रतिशत कम है। कम वर्षा के कारण सोयाबीन सहित खरीफ फसलों की बोवनी प्रभावित हुई है। वर्षा और बादल छाए रहने के कारण प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में तापमान में गिरावट दर्ज की गई। पचमढ़ी में न्यूनतम अधिकतम तापमान 30.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जबकि दतिया और सीधी में सर्वाधिक 41.2 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज हुआ। मौसम विभाग ने नागरिकों को खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने और आकाशीय बिजली से बचाव के लिए सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है

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