हरियाणा विधानसभा में हंगामे का पहला दिन: मनीषा हत्याकांड और कानून व्यवस्था को लेकर विपक्ष का तूफान

चंडीगढ़, 22 अगस्त – हरियाणा विधानसभा के मानसून सत्र का पहला दिन पूरी तरह हंगामे की भेंट चढ़ गया। विपक्षी कांग्रेस ने भिवानी की शिक्षिका मनीषा की हत्या और बिगड़ती कानून व्यवस्था पर चर्चा की मांग को लेकर जमकर प्रदर्शन किया। कांग्रेस विधायकों ने ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ के पोस्टर लेकर वेल तक पहुंचकर नारेबाजी की और सदन की कार्यवाही को बार-बार बाधित किया।
इस अभूतपूर्व हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही पूरे छह बार स्थगित करनी पड़ी, जिससे प्रश्नकाल और शून्यकाल दोनों प्रभावित हुए। अंततः कार्यवाही को सोमवार, 26 अगस्त दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया।

मुख्य बिंदु:
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कांग्रेस का जोरदार विरोध: भिवानी में शिक्षिका मनीषा की हत्या पर काम रोको प्रस्ताव की मांग को लेकर कांग्रेस विधायकों का वेल में जाकर विरोध प्रदर्शन।
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छह बार कार्यवाही स्थगित: दिन भर में विधानसभा की कार्यवाही 6 बार स्थगित करनी पड़ी।
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CM नायब सैनी का जवाब: “वो हमारी बेटी है, हम चर्चा के लिए तैयार हैं। कार्रवाई हो चुकी है।”
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भूपेंद्र हुड्डा vs स्पीकर: स्पीकर ने कहा, “आप नेता प्रतिपक्ष नहीं हैं, फिर भी आपको सम्मान दे रहा हूं।” हुड्डा का जवाब – “मुझे फर्क नहीं पड़ता, चर्चा क्यों नहीं हो रही?”
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स्पीकर का सख्त संदेश: “यह सदन है, मोहल्ले का जमावड़ा नहीं। गुंडागर्दी नहीं चलेगी।”
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सर्वदलीय बैठक का फैसला: 26 अगस्त को काम रोको प्रस्ताव पर चर्चा की जाएगी, सत्र अब 27 अगस्त तक चलेगा।
विपक्ष का आरोप, सरकार का पलटवार
कांग्रेस विधायक गीता भुक्कल ने बेटियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा, “हरियाणा में बेटियां सुरक्षित नहीं हैं। यह तुरंत चर्चा का विषय है।”
इस पर जवाब देते हुए मंत्री महिपाल ढांडा ने विपक्ष पर सत्र बाधित करने का आरोप लगाया – “इनकी मंशा सिर्फ सत्र बर्बाद करने की है।”मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कहा, “कांग्रेस के शासनकाल में अपराध के मामलों में एफआईआर तक दर्ज नहीं होती थी। आज पुलिस ने फौरन कार्रवाई की है, विपक्ष इस पर राजनीति न करे।”






