करूर रैली हादसा: विजय थलापति का भावुक बयान – “मेरा दिल टूट गया, मैं तड़प रहा हूं” | अब तक 36 की मौत

करूर, तमिलनाडु | 28 सितंबर 2025: तमिलनाडु के करूर में आयोजित एक राजनीतिक रैली में मची भगदड़ ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया है। विजय थलापति की पार्टी ‘तमिलगा वेत्री कषगम (TVK)’ द्वारा आयोजित इस रैली में हुए हादसे में अब तक 36 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 45 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हैं।
इस भयावह घटना पर टीवीके प्रमुख और साउथ सुपरस्टार विजय का पहला बयान सामने आया है, जिसमें उन्होंने अपनी गहरी पीड़ा और संवेदनाएं व्यक्त की हैं।
“मेरा दिल टूट गया है। मैं असहनीय दर्द और शोक में तड़प रहा हूं, जिसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता,” – विजय
विजय ने रैली के दौरान की मदद की कोशिश
जानकारी के अनुसार, जब विजय मंच से रैली को संबोधित कर रहे थे, तभी भीड़ अचानक बेकाबू हो गई। धक्का-मुक्की और दम घुटने की वजह से दर्जनों लोग बेहोश होकर गिर पड़े, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे। स्थिति बिगड़ते देख विजय ने भाषण बीच में ही रोक दिया और प्रचार बस से पानी की बोतलें भीड़ तक फेंकने लगे, ताकि लोगों को राहत मिल सके।
एम्बुलेंस और राहत कार्य में बाधाएं
घटनास्थल की ओर जाने वाली सड़कें भीड़ से पूरी तरह भरी हुई थीं, जिससे एम्बुलेंस को मौके तक पहुंचने में काफी दिक्कतें आईं। इसके बावजूद प्रशासन ने तेजी से घायलों को अस्पताल पहुंचाया।
PM मोदी और CM स्टालिन ने जताया शोक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस घटना को “बेहद दुखद” बताते हुए पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा:
“तमिलनाडु के करूर में हुई दुर्भाग्यपूर्ण घटना बेहद पीड़ादायक है। मेरी संवेदनाएं उन परिवारों के साथ हैं जिन्होंने अपनों को खोया। सभी घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं।”
वहीं, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम के स्टालिन ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए शीर्ष अधिकारियों के साथ आपात बैठक की। उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री मा सुब्रमण्यम और अन्य मंत्रियों को तुरंत करूर रवाना होने का निर्देश दिया। संभावना है कि सीएम स्टालिन आज करूर पहुंच सकते हैं।
गृह मंत्रालय ने मांगी रिपोर्ट
गृह मंत्रालय ने तमिलनाडु सरकार से पूरे घटनाक्रम पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। स्थानीय प्रशासन, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा उपायों की समीक्षा की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचा जा सके।






