Himachal News : 125 दिन रोजगार पर बौखलाई कांग्रेस? Anurag Thakur का तीखा सवाल – ‘महात्मा गांधी 2009 में ही याद आए?’

Himachal News : हिमाचल प्रदेश के ऊना में भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर (Anurag Thakur) ने कांग्रेस पर जोरदार हमला बोला है। ग्रामीण रोजगार योजना को लेकर विपक्ष की आलोचना पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस बात को हजम नहीं कर पा रही कि मोदी सरकार के फैसले से अब देश के करोड़ों गरीबों और जरूरतमंदों को 100 की जगह 125 दिन की दिहाड़ी का अवसर मिलने जा रहा है।
अनुराग ठाकुर (Anurag Thakur) ने साफ कहा कि मोदी सरकार सिर्फ काम के दिन ही नहीं बढ़ा रही, बल्कि मानदेय बढ़ाने पर भी गंभीरता से विचार कर रही है।
125 दिन की दिहाड़ी से कांग्रेस परेशान – अनुराग ठाकुर
भाजपा सांसद (Anurag Thakur) ने कहा,“कांग्रेस को इस बात से परेशानी है कि अब गरीब मजदूरों को ज्यादा दिन काम मिलेगा। 125 दिन की दिहाड़ी और मानदेय बढ़ाने की बात मोदी सरकार कर रही है, यही उन्हें चुभ रहा है।” उन्होंने इसे गरीबों के हित में ऐतिहासिक फैसला बताते हुए कहा कि सरकार का लक्ष्य सिर्फ घोषणा नहीं, बल्कि जमीन पर रोजगार सुनिश्चित करना है। यह भी पढ़ें : – MGNREGA के नाम पर देश को गुमराह करने की साज़िश रची जा रही- केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान
महात्मा गांधी का नाम 2009 में ही क्यों याद आया?
कांग्रेस द्वारा महात्मा गांधी के नाम पर राजनीति करने के आरोपों पर अनुराग ठाकुर (Anurag Thakur) ने तीखा सवाल उठाया। उन्होंने कहा, “कांग्रेस महात्मा गांधी के नाम की बात करती है, लेकिन मैं उनसे पूछना चाहता हूं—क्या उन्हें महात्मा गांधी 2009 में ही याद आए?”
रोजगार योजनाओं के नाम बदलने का पूरा इतिहास गिनाया
अनुराग ठाकुर (Anurag Thakur) ने रोजगार गारंटी से जुड़ी योजनाओं का इतिहास गिनाते हुए कहा— 1960 के दशक से रोजगार गारंटी से जुड़ी योजनाएं चल रही थीं, 1989 में नाम रखा गया – जवाहर रोजगार योजना,1999 में नाम बदला गया – जवाहर स्वर्णिम योजना,2001 में नाम रखा गया – संपूर्ण रोजगार योजना,2004 में UPA सरकार ने नाम रखा – NREGA, 2009 में जाकर नाम पड़ा – MGNREGA. उन्होंने कहा कि “अगर महात्मा गांधी कांग्रेस के लिए इतने ही महत्वपूर्ण थे, तो 2009 से पहले उनका नाम क्यों नहीं जोड़ा गया?
मोदी सरकार का फोकस – नाम नहीं, काम
भाजपा सांसद (Anurag Thakur) ने कहा कि मोदी सरकार योजनाओं के नाम पर नहीं, गरीबों को मिलने वाले लाभ पर काम करती है उन्होंने दावा किया कि 125 दिन का रोजगार, मानदेय बढ़ाने की तैयारी और कानूनी गारंटी ग्रामीण भारत की तस्वीर बदलने वाला कदम है।






