चंडीगढ़: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने किसानों और महिलाओं की आय बढ़ाने तथा उनके जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए बहुराष्ट्रीय कंपनी ग्रांट थॉर्नटन को पूर्ण सहयोग और समर्थन का आश्वासन दिया है। इस घोषणा के तहत कंपनी राज्य में किसानों और महिला समूहों के लिए कई विकास योजनाओं पर काम कर रही है।
चार जिलों में 10,000 महिलाओं को लाभ
कंपनी के कंट्री हेड वी पद्मानंद के साथ बैठक में पंजाब के मुख्यमंत्री ने लुधियाना, मोगा, बटाला और रूपनगर जिलों में कंपनी द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना की। इन जिलों में ग्रांट थॉर्नटन ने 17 किसान उत्पादक कंपनियां (एफपीसी) पंजीकृत की हैं, जिनसे 10,000 महिला लाभार्थियों को जोड़कर उनकी आय में 40% की औसतन वृद्धि की है। इन कंपनियों की वार्षिक औसत आय 45 लाख रुपये तक पहुंच गई है।
महिलाओं को मिल रहा सशक्तिकरण
मुख्यमंत्री ने कहा कि कंपनी ने उच्च गुणवत्ता वाले बीज, खाद, कीटनाशक और सहकारी आधार पर ट्रैक्टर एवं ड्रोन जैसी आधुनिक मशीनरी की उपलब्धता सुनिश्चित कर पंजाब के किसानों और विशेष रूप से महिला किसानों को लाभान्वित किया है। इसके अलावा, डेयरी फार्मिंग में पशु आहार, सप्लीमेंट और उचित मूल्य पर दूध की खरीद जैसे प्रोजेक्ट्स भी महिलाओं के लिए फायदेमंद साबित हो रहे हैं।
डिजिटल उपकरणों से कारोबार को मिला बढ़ावा
ग्रांट थॉर्नटन ने व्यवसाय को डिजिटलीकरण की ओर ले जाने के लिए लैपटॉप, टैब और प्रिंटर जैसे उपकरणों की आपूर्ति की है, जिससे पारदर्शिता और कुशलता में सुधार हुआ है। कंपनी द्वारा एफपीसी के सदस्यों और बिजनेस प्लानिंग में उनकी क्षमता निर्माण के लिए लगातार प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है।
ड्रोन पायलट के रूप में महिला प्रशिक्षण
मुख्यमंत्री ने कंपनी द्वारा पंजाब की 25 महिला किसानों को ड्रोन पायलट के रूप में प्रशिक्षित करने की पहल की भी प्रशंसा की। इस प्रयास से महिलाओं को तकनीकी ज्ञान प्राप्त करने और नई नौकरियों के अवसर तलाशने का अवसर मिला है।
चार और जिलों में विस्तार
ग्रांट थॉर्नटन के कार्यक्षेत्र को अब पंजाब के संगरूर, बठिंडा, मानसा और फाजिल्का जिलों तक बढ़ाने की योजना है। मुख्यमंत्री ने कहा, “हमारा उद्देश्य किसानों की आय में वृद्धि करना और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना है। इन योजनाओं के विस्तार से राज्य में कृषि और डेयरी उद्योग को नई ऊंचाई मिलेगी।”
पंजाब सरकार और ग्रांट थॉर्नटन का यह संयुक्त प्रयास कृषि क्षेत्र में नई संभावनाओं का द्वार खोलेगा और राज्य के विकास में अहम योगदान देगा।






