
मध्य प्रदेश के सतना में आयोजित पांचवें कबड्डी फेडरेशन कप में हिमाचल प्रदेश की टीम ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए कांस्य पदक हासिल किया। इस प्रतियोगिता में देश की आठ शीर्ष टीमों ने भाग लिया था। इस टूर्नामेंट में महिला और पुरुष दोनों वर्गों के मुकाबले आयोजित किए गए। हिमाचल प्रदेश के लिए यह उपलब्धि खास इसलिए भी रही, क्योंकि पहली बार राज्य की महिला और पुरुष दोनों टीमों ने एक साथ कांस्य पदक जीतकर इतिहास रच दिया। खिलाडिय़ों के इस प्रदर्शन ने प्रदेश का नाम राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया है। सेमीफाइनल मुकाबले में हिमाचल का सामना सर्विस टीम से हुआ। मैच के दौरान हिमाचल टीम को उस समय बड़ा झटका लगा, जब टीम के कप्तान शिवांश ठाकुर, जो जिला मंडी से संबंध रखते हैं, चोटिल हो गए। उनके मैदान से बाहर होने के बाद टीम का संतुलन बिगड़ गया और अंतत: यह मुकाबला हिमाचल के हाथ से निकल गया। यदि कप्तान पूरी तरह फिट रहते, तो परिणाम अलग हो सकता था। महिला टीम ने भी पूरे टूर्नामेंट में जबरदस्त जुझारूपन और कौशल का प्रदर्शन किया।

उन्होंने कठिन मुकाबलों में अपनी क्षमता साबित करते हुए कांस्य पदक हासिल किया।टीम के खिलाडिय़ों ने यह दिखा दिया कि हिमाचल में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। व्यक्तिगत प्रदर्शन की बात करें तो मंडी के शिवांश ठाकुर और रजत चौधरी ने पुरुष टीम में उत्कृष्ट खेल दिखाया, जबकि महिला टीम में भावना ठाकुर ने अपनी प्रतिभा से सभी को प्रभावित किया। इन खिलाडिय़ों का योगदान टीम की सफलता में बेहद अहम रहा। जिला कबड्डी संघ के अध्यक्ष टेक चंद शर्मा ने सरकार से मांग की है कि कप्तान शिवांश ठाकुर सहित अन्य खिलाडिय़ों को पुलिस विभाग में डीएसपी पद पर नियुक्त किया जाए, ताकि खिलाडिय़ों का मनोबल बढ़े और वे भविष्य में और बेहतर प्रदर्शन कर सकें। उन्होंने कहा कि हिमाचल कबड्डी संघ लगातार ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिभाओं को खोजने और उन्हें आगे बढ़ाने का काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के लिए कांस्य पदक जीतकर लौटे सभी खिलाडिय़ों का भव्य स्वागत और सम्मान किया जाएगा। यह जीत आने वाले समय में हिमाचल के युवाओं को खेलों की ओर प्रेरित करेगी और राज्य को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगी।






