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लोकसभा की कार्यवाही स्थगित, राहुल गांधी ने सरकार पर विपक्ष को बोलने की अनुमति न देने का आरोप

नई दिल्ली, 21 जुलाई – लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने आज संसद के मानसून सत्र के पहले दिन एक गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार ने विपक्ष को अपनी बात रखने का मौका नहीं दिया। उनका कहना था कि जबकि केंद्रीय मंत्रियों को सदन में बोलने की अनुमति दी गई, उन्हें और अन्य विपक्षी नेताओं को बोलने की इजाजत नहीं दी गई।

लोकसभा में हंगामा, राहुल गांधी का आरोपराहुल गांधी ने कहा, “सवाल यह है कि रक्षा मंत्री को बोलने की अनुमति दी जाती है, लेकिन विपक्ष के नेताओं को क्यों नहीं? यह संसद की परंपरा के खिलाफ है। अगर सरकार के सदस्य बोल सकते हैं, तो विपक्ष को भी अपनी बात रखने का अवसर मिलना चाहिए।”

विपक्षी दलों, खासकर कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (भा.ज.पा.) के अन्य सहयोगी दलों ने मानसून सत्र के दौरान उठाए जाने वाले आठ प्रमुख मुद्दों की पहचान की है, जिनमें जम्मू कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले और बिहार में मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण पर चर्चा शामिल है। इन मुद्दों पर विरोध के स्वर गूंजे, जिसके बाद विपक्षी सांसदों ने स्थगन प्रस्ताव पेश किया, जिन्हें लोकसभा अध्यक्ष ने नकार दिया। इसके बाद सदन में भारी हंगामा हुआ और कार्यवाही पहले दोपहर 12 बजे तक और फिर दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।

प्रियंका गांधी का बयान
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने इस मौके पर संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू की टिप्पणी का हवाला दिया, जिसमें उन्होंने कहा था कि सरकार “ऑपरेशन सिंदूर” पर चर्चा के लिए तैयार है। प्रियंका गांधी ने सवाल किया, “अगर सरकार चर्चा के लिए तैयार है, तो विपक्ष के नेताओं को भी बोलने का मौका क्यों नहीं दिया जा रहा?” उन्होंने यह भी कहा कि राहुल गांधी बोलने के लिए खड़े हुए थे, तो उन्हें अपनी बात रखने का अधिकार मिलना चाहिए।

सरकार का रुख
हालांकि, केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सदन में यह साफ किया कि सरकार किसी भी मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है। उन्होंने कहा, “हम किसी भी मुद्दे पर संसद में चर्चा करने के लिए तैयार हैं।” इसके साथ ही संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने भी कहा कि कार्य मंत्रणा समिति की बैठक दोपहर 2:30 बजे होगी। उनका कहना था, “विपक्षी सदस्य सदन के वेल में विरोध कर रहे हैं। मानसून सत्र के पहले दिन इस तरह का विरोध करना उचित नहीं है।”

लोकसभा की कार्यवाही पर असर
सदन में विपक्ष का विरोध बढ़ने के बाद कार्यवाही को स्थगित कर दिया गया। इस तरह के विवाद और हंगामे के बीच संसद के मानसून सत्र की शुरुआत में ही एक राजनीतिक गर्मी बढ़ने की संभावना बन गई है।

विपक्ष का आरोप है कि सरकार विपक्ष की आवाज को दबाने की कोशिश कर रही है, जबकि सरकार का कहना है कि वह किसी भी मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है, बशर्ते सदन में सही माहौल बने।

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