MGNREGA के नाम पर देश को गुमराह करने की साज़िश रची जा रही- केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान

MGNREGA : केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रविवार को विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि वे सरकार की प्रमुख ग्रामीण रोजगार योजनाओं को लेकर देश को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि मनरेगा को कमजोर नहीं किया जा रहा, बल्कि उससे एक कदम आगे बढ़कर उसे और मजबूत बनाया जा रहा है।
सोशल मीडिया पर जारी एक वीडियो संदेश में उन्होंने कहा, “मनरेगा के नाम पर गलत जानकारी फैलाई जा रही है, जबकि सच्चाई यह है कि विकसित भारत ग्राम योजना, मनरेगा से आगे की सोच है।”
अब 100 नहीं, 125 दिन का रोजगार – कानूनी गारंटी
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि नई व्यवस्था के तहत
✔ अब मजदूरों को 125 दिन के रोजगार की कानूनी गारंटी मिलेगी
✔ बेरोजगारी भत्ते के प्रावधानों को और मजबूत किया गया है
✔ यदि मजदूरी भुगतान में देरी होती है, तो मजदूरों को अतिरिक्त मुआवजा भी दिया जाएगा
उन्होंने दो टूक कहा कि यह बदलाव गरीब, मजदूर और गांवों के विकास को केंद्र में रखकर किया गया है।
ग्रामीण रोजगार योजना के लिए बढ़ा बजट, आत्मनिर्भर गांवों पर जोर
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि सरकार ने ग्रामीण रोजगार योजना के लिए कुल आवंटन में बढ़ोतरी की है।
सरकार का लक्ष्य है—
आत्मनिर्भर गांवों का निर्माण
विकसित गांवों के माध्यम से विकसित भारत का लक्ष्य
उन्होंने कहा कि यह विधेयक
✔ गरीबों के पक्ष में
✔ रोजगार सृजन के पक्ष में
✔ और दीर्घकालिक ग्रामीण विकास के पक्ष में है।
मनरेगा की जगह नया कानून – PM मोदी का खुला समर्थन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में संसद से पारित ‘विकसित भारत-रोजगार और आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण) विधेयक, 2025’ का जोरदार समर्थन किया है। यह विधेयक आगे चलकर महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) की जगह लेगा।
PM मोदी ने साझा किया शिवराज सिंह चौहान का लेख
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने X (ट्विटर) हैंडल पर शिवराज सिंह चौहान द्वारा लिखे गए एक लेख को साझा किया, जो एक प्रमुख अखबार में प्रकाशित हुआ था।लेख का शीर्षक था— “नया रोजगार कानून सामाजिक सुरक्षा से पीछे हटना नहीं, बल्कि सुधार की दिशा है”
PM मोदी ने नागरिकों से इस लेख को पढ़ने की अपील करते हुए कहा कि इसमें बताया गया है कि यह बिल कैसे—
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रोजगार गारंटी का विस्तार करता है
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स्थानीय योजना को मजबूत करता है
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मजदूरों की सुरक्षा और कृषि उत्पादकता के बीच संतुलन बनाता है
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गवर्नेंस को आधुनिक बनाता है
उन्होंने स्पष्ट किया कि यह बिल सामाजिक सुरक्षा से पीछे हटना नहीं, बल्कि उसका नया और बेहतर स्वरूप है।
मांग आधारित स्वरूप कमजोर होने की आशंका निराधार
कृषि मंत्री ने अपने लेख में विपक्ष की आलोचनाओं का जवाब देते हुए कहा कि योजना का मांग-आधारित स्वरूप कमजोर नहीं किया गया है। कानून सरकार को न्यूनतम 125 दिन का रोजगार सुनिश्चित करने का स्पष्ट निर्देश देता है। उन्होंने कहा कि इस कानून में जवाबदेही और अधिकार दोनों को स्पष्ट किया गया है।
‘विकसित भारत जी राम जी’ योजना – Vision 2047 की दिशा में कदम
सरकार अप्रैल 2026 से लागू होने वाली इस योजना को
‘विकसित भारत जी राम जी’
के रूप में देख रही है, जो विकसित भारत 2047 के विजन के अनुरूप है।
इसका उद्देश्य—
✔ लागू करने योग्य अधिकार
✔ जवाबदेही
✔ सतत और समावेशी विकास को सुनिश्चित करना है।






