Punjab: भगवंत मान सरकार के दबदबे से हरियाणा की विधानसभा मांग खारिज – कुलदीप धालीवाल बोले, ‘पंजाब की बड़ी जीत!

Punjab: आम आदमी पार्टी (AAP) पंजाब के मुख्य प्रवक्ता और विधायक कुलदीप सिंह धालीवाल ने चंडीगढ़ में हरियाणा को अलग विधानसभा के लिए जगह देने की मांग को केंद्र द्वारा खारिज किए जाने के फैसले का जोरदार स्वागत किया है। धालीवाल ने दावा किया कि यह फैसला पूरी तरह से मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की मजबूत नेतृत्व क्षमता और उनकी अडिग स्थिति का परिणाम है।
धालीवाल ने कहा कि हरियाणा वर्षों से चंडीगढ़ में अलग विधानसभा के निर्माण की मांग कर रहा था, लेकिन पंजाब सरकार के सख्त विरोध के चलते केंद्र को अपना निर्णय बदलना पड़ा। उन्होंने साफ कहा— “चंडीगढ़ पंजाब का है। पंजाब की जमीन पर कोई दूसरी विधानसभा नहीं बन सकती। भगवंत मान सरकार के क्लियर स्टैंड के आगे केंद्र को झुकना पड़ा है। यह पंजाबियों की जीत है।”
केंद्र को झुकने के पीछे कारण – पंजाब सरकार का सख्त रुख
धालीवाल ने बताया कि यह फैसला तब संभव हुआ जब पंजाब सरकार ने स्पष्ट रूप से केंद्र को लिखित रूप में सूचित किया कि चंडीगढ़ पर पंजाब का ऐतिहासिक अधिकार है और यहां हरियाणा को विधानसभा बनाने की अनुमति नहीं दी जा सकती। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि मुख्यमंत्री मान ने इस मुद्दे पर गृह मंत्री और प्रधानमंत्री दोनों को पत्र लिखकर पंजाब की स्थिति स्पष्ट की थी।
“चंडीगढ़ पंजाब का है… और रहेगा”
धालीवाल ने कहा कि पंजाब की ऐतिहासिक, कानूनी और भौगोलिक स्थिति को देखते हुए चंडीगढ़ पर कोई और दावा स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने आगे कहा— “चंडीगढ़ में पंजाबी भाषा को और मजबूत किया जाए। पंजाबी हमारी मातृभाषा है और इसे यहां लागू होना ही चाहिए।” धालीवाल ने इस फैसले को राजनीतिक नहीं, बल्कि पूरे पंजाब की जीत बताया।






