मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने दिए सख्त निर्देश: “लंबित शिकायतें जल्द निपटाएं, जनता को बार-बार न दौड़ाएं”

चंडीगढ़ | 8 अगस्त 2025 –हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने आज प्रदेश के सभी उपायुक्तों को स्पष्ट शब्दों में निर्देश दिए कि जन शिकायतों का निपटारा प्राथमिकता के आधार पर किया जाए और लंबित मामलों की संख्या को “शून्य” पर लाया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि समाधान शिविरों का उद्देश्य जनता को एक मंच पर त्वरित समाधान देना है, न कि उन्हें बार-बार शिकायत लेकर लौटने को मजबूर करना। उन्होंने दो टूक कहा कि अगर कोई नागरिक बार-बार एक ही शिकायत लेकर आ रहा है, तो उसके लिए संबंधित अधिकारी जिम्मेदार माना जाएगा।
लंबित शिकायतें बन रही चिंता का विषय
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित इस उच्चस्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ जिलों में शिकायतें लगातार लंबित पड़ी हैं, जो दर्शाता है कि प्रशासनिक गंभीरता में कमी है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि लंबे समय से अटकी शिकायतों का तत्काल समाधान हो, ताकि लोगों का प्रशासन पर विश्वास बना रहे।
पुलिस और अन्य विभागों को सख्त चेतावनी
मुख्यमंत्री ने पुलिस विभाग पर विशेष ध्यान देते हुए कहा कि उससे जुड़ी शिकायतों को “प्राथमिकता के आधार पर” निपटाया जाए। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को आदेश दिया कि शिकायतों का समाधान निष्पक्ष, संतोषजनक और समयबद्ध होना चाहिए।
समाधान शिविरों में वरिष्ठ अधिकारी अनिवार्य रूप से हों मौजूद
उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि समाधान शिविरों के दौरान संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर उपस्थित रहें, ताकि वहीं तत्काल समाधान दिया जा सके। यह कदम अंतर्विभागीय समन्वय को बढ़ावा देगा और समस्या का एक ही बार में निपटारा संभव होगा।
उत्तरदायित्व तय होगा
मुख्यमंत्री सैनी ने दोहराया कि प्रशासनिक तंत्र में उत्तरदायित्व तय किया जाएगा और लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी उपायुक्तों से कहा गया है कि वे अपने जिलों में शिकायत निवारण की प्रक्रिया की साप्ताहिक समीक्षा करें और रिपोर्ट राज्य मुख्यालय को भेजें।
बैठक में शामिल हुए वरिष्ठ अधिकारी
इस महत्वपूर्ण बैठक में मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी, सेवा विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव जी. अनुपमा, मुख्यमंत्री के विशेष कार्याधिकारी भारत भूषण भारती, और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।






