राजस्थान के सब्जीवाले की ₹11 करोड़ की लॉटरी लगी, दोस्त को देगा ₹1 करोड़ – जानिए पूरी कहानी

चंडीगढ़: किस्मत कब किसका साथ दे दे, कोई नहीं जानता! ऐसा ही कुछ हुआ राजस्थान के जयपुर जिले के कठपुतली गांव के सब्जी विक्रेता अमित सेहरा के साथ, जिसने पंजाब सरकार की बंपर लॉटरी में ₹11 करोड़ रुपये जीत लिए। लेकिन कहानी यहां खत्म नहीं होती — इस जीत के पीछे एक दोस्ती और वादे की ऐसी मिसाल छिपी है जिसने सबका दिल जीत लिया है।
पांच दिन तक लापता रहा करोड़पति!
लॉटरी के नतीजे 31 अक्टूबर को आए थे, मगर 25 दिन के भीतर दावा न करने पर इनाम सरकार के खाते में चला जाता। एजेंसी और अधिकारी विजेता की तलाश में थे — आखिरकार 5 दिन बाद अमित सेहरा का पता चला। आज वह अपने परिवार के साथ चंडीगढ़ पहुंचा और अपनी किस्मत की रकम प्राप्त की।
सब्जी बेचने वाले की किस्मत पलटी
अमित जयपुर जिले के कठपुतली गांव में सब्जियां बेचकर जीवनयापन करता है। वह अपने चाचा के साथ बठिंडा आया था, जहां चाय पीते हुए उसने लॉटरी टिकट खरीदी। उसी टिकट ने उसकी जिंदगी बदल दी।
“चाय पीते-पीते लिया टिकट, किस्मत चमक गई”
अमित ने बताया —मैं अपने दोस्त मुकेश के साथ था। उसने कहा, ‘चल एक टिकट खरीद लेते हैं।’ पैसे नहीं थे तो उसी से उधार लिए। दो टिकट खरीदे — एक अपने नाम से और एक पत्नी के नाम से। उसी दौरान मैंने वादा किया कि अगर करोड़ों की लॉटरी लगी तो तेरी बेटियों को ₹1 करोड़ दूंगा।
जब आया 11 करोड़ का फोन…
31 अक्टूबर को नतीजे निकले, लेकिन अमित को कुछ पता नहीं था। उसका फोन खराब था। मुकेश ने घर जाकर बताया — “भाई, तू करोड़पति बन गया है!”
पहले तो अमित को यकीन नहीं हुआ, लेकिन जब उसने टिकट नंबर मिलाए, तो सब सही निकले। कुल इनाम ₹11 करोड़ 1,000 रुपये का था।
दोस्ती की मिसाल — “वादे का पक्का निकला अमित”
अमित ने कहा —मैं सबसे पहले अपने दोस्त मुकेश को ₹1 करोड़ दूंगा। उसकी बेटियां मेरी बेटियों जैसी हैं। अगर उसने मुझे टिकट खरीदने को न कहा होता, तो शायद आज मैं करोड़पति न होता।
मुकेश ने भावुक होकर कहा —भगवान ऐसा दोस्त सबको दे। अमित ने जो वादा किया था, उसे निभा रहा है। हमारा रिश्ता हमेशा ऐसा ही रहेगा।






