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छत्तीसगढ़ में 3200 करोड़ के शराब घोटाले में पूर्व CM भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल गिरफ्तार

छत्तीसगढ़ की राजनीति में बड़ा भूचाल आया है। राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 3200 करोड़ रुपये के शराब घोटाले में गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम कानून (PMLA) के तहत शुक्रवार सुबह भिलाई में भूपेश बघेल के आवास पर छापेमारी कर की गई।

3200 करोड़ के शराब घोटाले का पर्दाफाश

छत्तीसगढ़ सरकार ने 11 जुलाई को आबकारी विभाग से जुड़े इस बड़े घोटाले का खुलासा किया था, जिसमें 2019 से 2023 तक शराब कारोबार में संगठित सिंडिकेट द्वारा करोड़ों रुपये की अवैध वसूली की गई। इस घोटाले में कमाई गई रकम का इस्तेमाल जमीन-जायदाद खरीदने और अवैध गतिविधियों में किया गया। जांच में पता चला कि इस घोटाले में कई सरकारी अधिकारी, शराब कारोबारी और राजनीतिक व्यक्ति शामिल थे।

छत्तीसगढ़ में 3200 करोड़ के शराब घोटाले में पूर्व CM भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल गिरफ्तारED की कार्रवाई और भूपेश बघेल का बयान

ED की टीम के छापेमारी के दौरान भूपेश बघेल विधानसभा के लिए रवाना हो गए थे। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, “ईडी आ गई है। आज विधानसभा सत्र का अंतिम दिन है। तमनार में अडानी के लिए पेड़ काटने का मुद्दा उठाना था, लेकिन ‘साहेब’ ने भिलाई निवास में ईडी भेज दी।”
उनके समर्थकों ने ED की कार्रवाई पर नाराजगी जताते हुए बैरिकेडिंग तोड़ दी, जिससे मामूली तनाव पैदा हुआ।

जांच में सामने आए संगठित सिंडिकेट के तार

आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) और भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने जांच की तो पता चला कि यह मामला एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि एक संगठित गिरोह का था। इस गिरोह ने शराब सप्लाई चैन में हेराफेरी कर सरकारी दुकानों से अवैध बिक्री की व्यवस्था की। जांच में यह भी सामने आया कि तत्कालीन आबकारी मंत्री कवासी लखमा को इस सिंडिकेट से हर महीने मोटी नकद राशि मिलती थी। शराब कंपनियों से रिश्वत के बदले बिना रिकॉर्ड के शराब की बिक्री की जाती थी, जिसका पैसा सीधे सिंडिकेट के खाते में जाता था।

सरकार की कड़ी नीति और कार्रवाई

छत्तीसगढ़ के वर्तमान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति लागू की है। उनकी सरकार ने पिछले दो वर्षों में 200 से अधिक अधिकारियों के खिलाफ जांच कर कई को जेल भेजा है। डीएमएफ घोटाला, महादेव सट्टा एप, तेंदूपत्ता वितरण घोटाला और CGMSC घोटाले की भी सख्ती से जांच चल रही है।

संपत्ति अटैच, आगे जांच जारी

ED ने अब तक लगभग 205 करोड़ रुपये की संपत्तियां अटैच कर चुकी है। मामले की जांच अभी भी जारी है और आगे और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

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